जापान में एएमआरएएएम मिसाइलों का संयुक्त उत्पादन, अमेरिका-जापान रक्षा सहयोग को बल
अमेरिका और जापान ने जापान में एआईएम-120 एएमआरएएएम हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों की अंतिम असेंबली और जांच के लिए संयुक्त सुविधा स्थापित करने पर सहमति जताई है। यह समझौता 28–29 अक्टूबर 2026 को हुआ। इससे क्षेत्र में मिसाइलों की उपलब्धता बढ़ाने और दोनों देशों की रक्षा आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने की योजना है।
जापान में बनेगी अंतिम असेंबली सुविधा
जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइज़ुमी ने फिलीपींस के सेबू में अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से मुलाकात के बाद समझौते की घोषणा की। यह बैठक दक्षिण-पूर्व एशियाई रक्षा प्रमुखों की वार्षिक बैठक के दौरान हुई। ‘ऑपरेशन सुपरचार्ज’ नाम की इस पहल के तहत जापान में एएमआरएएएम मिसाइलों की अंतिम असेंबली और निरीक्षण किया जाएगा। 28 अक्टूबर तक संयंत्र का स्थान घोषित नहीं किया गया था।
इस योजना पर बातचीत जुलाई 2024 में शुरू हुई थी। इसका उद्देश्य एएमआरएएएम के उत्पादन आधार को अलग-अलग स्थानों तक फैलाना और अमेरिका तथा उसके सहयोगियों के लिए क्षेत्रीय भंडार तैयार करना है। सितंबर 2026 के अंत में पेंटागन ने सात वर्षों में एएमआरएएएम उत्पादन बढ़ाने के लिए 20.7 अरब डॉलर का अनुबंध घोषित किया था। जापान में नई सुविधा इसी व्यापक उत्पादन विस्तार का हिस्सा है।
एएमआरएएएम और एफ-35 का संबंध
एआईएम-120 एएमआरएएएम सक्रिय रडार मार्गदर्शन वाली हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है। इसे विमान से दागा जा सकता है और यह दृश्य सीमा से परे लक्ष्य को निशाना बनाने के लिए बनाई गई है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की वायु सेनाएं इसका उपयोग करती हैं। यह एफ-35 लड़ाकू विमान कार्यक्रम में इस्तेमाल होने वाली मिसाइलों में भी शामिल है।
एफ-35 लॉकहीड मार्टिन द्वारा विकसित पांचवीं पीढ़ी के एकल-सीट, एकल-इंजन वाले लड़ाकू विमानों का परिवार है। इसके तीन प्रमुख रूप हैं: एफ-35ए पारंपरिक तरीके से उड़ान भरता और उतरता है; एफ-35बी कम दूरी में उड़ान भरने तथा सीधे उतरने में सक्षम है; और एफ-35सी विमानवाहक पोतों से संचालन के लिए बनाया गया है। अक्टूबर 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जापान को मिसाइलों की पहली खेप शीघ्र देने की घोषणा की थी। उसमें जापान के एफ-35 विमानों के लिए एएमआरएएएम और एआईएम-9एक्स साइडवाइंडर शामिल थे।
क्षेत्रीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग
जापान में असेंबली सुविधा बनने से एएमआरएएएम की आपूर्ति के लिए एशिया में एक अतिरिक्त केंद्र उपलब्ध होगा। इससे क्षेत्रीय भंडार और आपूर्ति व्यवस्था को समर्थन मिलने की अपेक्षा है। यह सहयोग ऐसे समय में आगे बढ़ रहा है जब एशिया में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता जताई जा रही है। दोनों देश इसे अपनी साझेदारी की निवारक और जवाबी क्षमता मजबूत करने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं। जापान-अमेरिका सुरक्षा संधि दोनों देशों के द्विपक्षीय सुरक्षा गठबंधन का आधार है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एआईएम-120 एएमआरएएएम सक्रिय रडार मार्गदर्शन वाली हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
- एफ-35 के तीन प्रमुख रूप एफ-35ए, एफ-35बी और एफ-35सी हैं।
- एआईएम-9एक्स साइडवाइंडर कम दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल है।
- जापान में प्रस्तावित सुविधा का स्थान 28 अक्टूबर 2026 तक घोषित नहीं किया गया था।
संयुक्त उत्पादन से अमेरिका-जापान रक्षा सहयोग को औद्योगिक आधार मिलेगा और क्षेत्र में मिसाइलों की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक नया कदम जुड़ेगा।