चीन के तकनीकी निर्यात नियंत्रण से सौर, एआई और जैव-चिकित्सा क्षेत्र प्रभावित
चीन ने सौर ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जैव-चिकित्सा से जुड़ी तकनीकों के निर्यात पर नए नियंत्रणों का प्रस्ताव रखा है। वाणिज्य मंत्रालय और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 16 अक्टूबर 2026 को निर्यात के लिए प्रतिबंधित और नियंत्रित तकनीकों की सूची में संशोधन का मसौदा जारी किया। इसमें 14 तकनीकों के निर्यात पर पूर्ण रोक और 26 अन्य पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव है।
नए नियंत्रणों का दायरा और प्रक्रिया
प्रस्ताव का उद्देश्य संवेदनशील तकनीकों के हस्तांतरण को नियंत्रित करना है। चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीक के दुरुपयोग और उसके अनुचित प्रसार को रोकने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को मानवीय नियंत्रण में रखने को इसके कारण बताया है। मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव 15 नवंबर 2026 तक आमंत्रित किए गए हैं।
सूचीबद्ध तकनीकों के निर्यात से पहले पंजीकरण की अंतरिम शर्त 16 अक्टूबर से लागू हो गई है। यह शर्त उन सौदों पर भी लागू होगी जो अभी पूरे नहीं हुए हैं। प्रस्ताव के अनुसार, जो तकनीकें खुले स्रोत के प्रकाशनों या अकादमिक शोधपत्रों के माध्यम से पहले ही सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं, उन्हें सामान्यतः इन नियंत्रणों से छूट मिलेगी।
सौर विनिर्माण श्रृंखला पर प्रस्तावित नियंत्रण
फोटोवोल्टिक क्षेत्र की 12 तकनीकें मसौदे में शामिल हैं। इनका दायरा पॉलीसिलिकॉन उत्पादन से लेकर वेफर और सौर सेल निर्माण तक फैला है। पेरोव्स्काइट तथा टैंडम सौर सेल मॉड्यूल बनाने की तकनीकें भी सूची में हैं। इसके अलावा, सालाना कम-से-कम 30,000 टन क्षमता वाली उत्पादन लाइनों में इस्तेमाल होने वाली कुछ पॉलीसिलिकॉन इंजीनियरिंग तकनीकों पर नियंत्रण का प्रस्ताव है।
यह पूरे सौर उद्योग पर रोक नहीं है। प्रस्ताव केवल चुनी हुई तकनीकों से संबंधित है; अन्य फोटोवोल्टिक तकनीकों का निर्यात जारी रह सकेगा। इससे चीन की उन्नत सौर विनिर्माण क्षमता और तकनीकी जानकारी के सीमा-पार हस्तांतरण पर विशेष ध्यान स्पष्ट होता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता और जैव-चिकित्सा तकनीकें
कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़ी 23 तकनीकें प्रस्तावित सूची में हैं। इनमें आधारभूत मॉडल, बुद्धिमान एजेंट, कंप्यूटिंग क्लस्टर और सूचना-प्रसंस्करण तकनीकें शामिल हैं। दुर्भावनापूर्ण कोड बनाने और उसमें बदलाव करने में सक्षम कृत्रिम बुद्धिमत्ता तकनीक के निर्यात पर पूर्ण रोक का प्रस्ताव है।
जैव-चिकित्सा क्षेत्र की पांच तकनीकों पर भी नियंत्रण प्रस्तावित है। इनमें कोशिका और जीन उपचार के मंच, छोटे न्यूक्लिक-अम्ल आधारित औषधियां तथा रोगजनकों से संबंधित तकनीकें शामिल हैं। इस तरह मसौदा केवल तैयार उत्पादों के बजाय अनुसंधान और विनिर्माण में इस्तेमाल होने वाली विशिष्ट तकनीकी क्षमताओं को भी दायरे में लाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मसौदे में 14 तकनीकों के निर्यात पर पूर्ण रोक और 26 पर अन्य प्रतिबंधों का प्रस्ताव है।
- फोटोवोल्टिक सूची में पॉलीसिलिकॉन, वेफर और सौर सेल निर्माण से जुड़ी तकनीकें हैं।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता सूची में आधारभूत मॉडल, बुद्धिमान एजेंट और कंप्यूटिंग क्लस्टर शामिल हैं।
- मसौदे पर सार्वजनिक सुझाव देने की अंतिम तारीख 15 नवंबर 2026 है।
प्रस्तावित सूची और पंजीकरण व्यवस्था से चीन संवेदनशील तकनीकों के निर्यात पर निगरानी बढ़ाना चाहता है। मसौदे पर अंतिम निर्णय और उसके बाद लागू होने वाले नियम इस पहल का वास्तविक दायरा तय करेंगे।