चीन की ग्रैविटी-1 लॉन्चिंग से समुद्री प्रक्षेपण क्षमता को नई रफ्तार

चीन की ग्रैविटी-1 लॉन्चिंग से समुद्री प्रक्षेपण क्षमता को नई रफ्तार

चीन ने 22 जुलाई 2026 को अपनी ग्रैविटी-1 कैरियर रॉकेट के जरिए नौ उपग्रहों को निर्धारित कक्षाओं में सफलतापूर्वक पहुंचाया। यह प्रक्षेपण शंघाई के पूर्व में पूर्वी चीन सागर में स्थित एक समुद्री मंच से बीजिंग समयानुसार सुबह 10:54 बजे किया गया। इस मिशन ने चीन की निजी वाणिज्यिक अंतरिक्ष लॉन्च क्षमता और समुद्री प्रक्षेपण तकनीक, दोनों को एक साथ रेखांकित किया है।

ग्रैविटी-1 क्यों चर्चा में है

ग्रैविटी-1 एक ठोस ईंधन वाला कैरियर रॉकेट है, जिसे चीनी निजी स्पेस लॉन्च कंपनी ओरिएनस्पेस ने विकसित किया है। इसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली ठोस-ईंधन रॉकेट बताया जाता है। इस मिशन के साथ ग्रैविटी-1 श्रृंखला ने अपनी तीसरी सफल उड़ान पूरी की। इससे यह संकेत मिलता है कि चीन का निजी अंतरिक्ष क्षेत्र अब केवल प्रयोगात्मक चरण में नहीं, बल्कि नियमित वाणिज्यिक सेवाओं की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

नौ उपग्रहों का मिशन और उनका उपयोग

इस लॉन्च में जिन उपग्रहों को भेजा गया, उनमें डोंगपो-13, डोंगपो-14, डोंगपो-17, डोंगपो-18, डोंगपो-19, डोंगपो-20, शिगुआंग-2 01, तियानयी-49 और लाइलैक-3 शामिल थे, जिसे जिदिंगशियांग-3 भी कहा जाता है। डोंगपो उपग्रह हर मौसम और हर समय पृथ्वी अवलोकन के लिए बनाए गए हैं। वहीं शिगुआंग-2 01 और तियानयी-49 जैसे उपग्रह खनिज खोज, कृषि, वानिकी, पर्यावरण निगरानी और शहरी नियोजन जैसे क्षेत्रों में उपयोगी माने जाते हैं।इन उपग्रहों का उद्देश्य केवल अंतरिक्ष में पहुंचना नहीं, बल्कि पृथ्वी से जुड़ी व्यावहारिक जरूरतों के लिए डेटा उपलब्ध कराना भी है। इसी कारण यह मिशन पृथ्वी अवलोकन और रिमोट सेंसिंग के व्यापक क्षेत्र से जुड़ा हुआ है।

समुद्री प्रक्षेपण और चीन की रणनीति

यह मिशन चीन के यांग्त्ज़ी नदी डेल्टा क्षेत्र के पूर्वी चीन सागर में किसी निजी वाणिज्यिक रॉकेट का पहला दूर-समुद्री प्रक्षेपण था। समुद्री मंचों का उपयोग इसलिए किया जाता है क्योंकि खुले पानी के ऊपर प्रक्षेपण से रॉकेट के चरणों और पेलोड संचालन के लिए अधिक सुरक्षित क्षेत्र मिलता है। साथ ही, भूमि-आधारित प्रक्षेपण स्थलों पर दबाव कम होता है और अलग-अलग कक्षीय आवश्यकताओं के लिए लचीलापन बढ़ता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ग्रैविटी-1 का पहला सफल प्रक्षेपण जनवरी 2024 में और दूसरा सफल प्रक्षेपण अक्टूबर 2025 में हुआ था।
  • ओरिएनस्पेस चीन की एक निजी वाणिज्यिक अंतरिक्ष लॉन्च कंपनी है।
  • ठोस ईंधन वाले रॉकेटों में प्रोपेलेंट ठोस रूप में होता है, जबकि तरल ईंधन रॉकेटों की संरचना अलग होती है।
  • चीन ग्रैविटी-2 और ग्रैविटी-3 नाम से बड़े तरल-ईंधन रॉकेट भी विकसित कर रहा है।

ओरिएनस्पेस आने वाले महीनों में ग्रैविटी-1 के जरिए चीनी इंटरनेट उपग्रहों का एक और बैच लॉन्च करने की योजना बना रही है। कुल मिलाकर, यह प्रक्षेपण चीन की बढ़ती निजी अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था, समुद्री लॉन्च क्षमता और उपग्रह-आधारित सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Originally written on July 23, 2026 and last modified on July 23, 2026.

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