चाबहार-ज़ाहेदान रेल लिंक से ईरान की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई रफ्तार
ईरान ने चाबहार-ज़ाहेदान रेलवे पर ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया है। यह परियोजना ओमान की खाड़ी पर स्थित चाबहार बंदरगाह को ज़ाहेदान से जोड़ती है और आगे ईरान के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधा संपर्क बनाती है। सितंबर 2026 में ट्रैक-लेइंग पूरा होने के बाद इस लाइन के अगले तीन से चार महीनों में पूरी तरह चालू होने की उम्मीद जताई गई है।
क्यों अहम है यह रेल कॉरिडोर
चाबहार-ज़ाहेदान रेलमार्ग दक्षिण-पूर्वी ईरान का एक रणनीतिक परिवहन गलियारा माना जा रहा है। यह मार्ग चाबहार बंदरगाह को देश के भीतर रेल व्यवस्था से जोड़कर समुद्री और स्थलीय परिवहन के बीच मजबूत कड़ी बनाता है। इससे ईरान के भीतर माल ढुलाई आसान होने के साथ-साथ अफगानिस्तान, मध्य एशिया और पूर्वी रूस तक पहुंच के लिए एक वैकल्पिक भूमि मार्ग भी तैयार होता है।
इस परियोजना की एक बड़ी विशेषता यह है कि यह पाकिस्तान को बायपास करती है। इसी वजह से इसे ईरान और भारत से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय संपर्क प्रयासों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है।
परियोजना की तकनीकी और निर्माण विशेषताएं
यह रेलवे लाइन कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से गुजरती है और इसकी लंबाई लगभग 630 से 730 किलोमीटर के बीच बताई जाती है। मार्ग में 33 स्टेशन, 39 सुरंगें और 201 पुल शामिल हैं। इतनी जटिल संरचना के कारण इसका निर्माण समय लेने वाला रहा है।
परियोजना की शुरुआत 2010 में हुई थी और इसकी अनुमानित लागत 1.5 अरब डॉलर बताई गई थी। जनवरी 2026 तक इसके सबस्ट्रक्चर का लगभग 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था, जबकि ट्रैक-लेइंग 75 प्रतिशत से अधिक आगे बढ़ चुका था। निर्माण का बड़ा हिस्सा ईरानी इंजीनियरों और ठेकेदारों ने ही पूरा किया है।
क्षेत्रीय व्यापार और संपर्क पर असर
चाबहार बंदरगाह ईरान का एकमात्र समुद्री बंदरगाह माना जाता है, इसलिए यह परियोजना देश की लॉजिस्टिक क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण है। रेल संपर्क के जरिए बंदरगाह से आने-जाने वाले माल को देश के अंदरूनी हिस्सों तक तेज़ी से पहुंचाया जा सकेगा। इससे न केवल व्यापारिक लागत घट सकती है, बल्कि ईरान की ट्रांजिट भूमिका भी मजबूत होगी।
मध्य पूर्व, मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र के बीच ईरान की रेल व्यवस्था पहले से ही एक अहम ट्रांजिट मार्ग मानी जाती है। ऐसे में चाबहार-ज़ाहेदान लिंक इस नेटवर्क को और अधिक उपयोगी बना सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- चाबहार बंदरगाह ओमान की खाड़ी पर स्थित है और ईरान का एकमात्र समुद्री बंदरगाह माना जाता है।
- ज़ाहेदान, ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी है।
- रेल कॉरिडोर बंदरगाहों, आंतरिक शहरों और सीमावर्ती क्षेत्रों को जोड़कर बहु-माध्यमीय परिवहन को बढ़ावा देते हैं।
- ईरान का रेल नेटवर्क मध्य पूर्व, मध्य एशिया और काकेशस क्षेत्र के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट मार्ग है।
ट्रैक बिछाने का काम पूरा होना इस परियोजना के लिए एक बड़ा चरण है। अब इसके पूरी तरह चालू होने के बाद क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार और ट्रांजिट क्षमता में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल सकता है।