गुजरात में पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 20% आरक्षण
गुजरात सरकार ने 22 जून 2026 को पूर्व अग्निवीरों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में समूह-3 (क्लास III) पदों की सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया है। यह कदम अग्निपथ योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं को सरकारी सेवाओं में नए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। राज्य सरकार का मानना है कि प्रशिक्षित और अनुशासित पूर्व अग्निवीर प्रशासनिक एवं सुरक्षा सेवाओं में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अग्निपथ योजना क्या है?
अग्निपथ योजना भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 में शुरू की गई एक सैन्य भर्ती योजना है। इसके तहत युवाओं को भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना में ‘अग्निवीर’ के रूप में निर्धारित अवधि के लिए भर्ती किया जाता है। इस योजना का उद्देश्य सशस्त्र बलों में युवा और तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन तैयार करना है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद अधिकांश अग्निवीर नागरिक जीवन में लौटते हैं, जिसके लिए विभिन्न राज्यों और संस्थानों द्वारा रोजगार अवसर उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।
किन पदों पर मिलेगा आरक्षण?
गुजरात सरकार का यह आरक्षण कई महत्वपूर्ण समूह-3 पदों पर लागू होगा। इनमें सशस्त्र पुलिस उपनिरीक्षक, सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपी) प्लाटून कमांडर, पुलिस कांस्टेबल, जेलर ग्रुप-2, जेल सिपाही, वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) तथा फॉरेस्टर जैसे पद शामिल हैं। ये सभी पद राज्य की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, जेल प्रशासन और वन संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। पूर्व अग्निवीरों के प्रशिक्षण और अनुभव को देखते हुए उन्हें इन सेवाओं के लिए उपयुक्त माना जा रहा है।
भर्ती में विशेष छूट और लाभ
राज्य सरकार ने केवल आरक्षण ही नहीं दिया है, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भी कई रियायतें प्रदान की हैं। पूर्व अग्निवीरों को इन पदों की भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट) से छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त उन्हें अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष तक की छूट प्रदान की जाएगी। वहीं अग्निवीरों के पहले बैच के उम्मीदवारों को पांच वर्ष तक की आयु छूट मिलेगी। इन प्रावधानों का उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए सरकारी नौकरी तक पहुंच को आसान बनाना है।
राज्य सरकार का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस निर्णय की जानकारी अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच के माध्यम से साझा की। राज्य के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह पहल पूर्व अग्निवीरों को राष्ट्र और समाज की सेवा जारी रखने के लिए नए अवसर प्रदान करेगी। सरकार का मानना है कि सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त युवा राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र को और अधिक मजबूत बना सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अग्निपथ योजना वर्ष 2022 में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती के लिए शुरू की गई थी।
- राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपी) का उपयोग आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता है।
- क्लास III पदों में सामान्यतः कांस्टेबल, क्लर्क तथा फील्ड स्तर के तकनीकी पद शामिल होते हैं।
- फॉरेस्ट गार्ड और फॉरेस्टर पद राज्य वन विभाग के अंतर्गत वन संरक्षण और निगरानी कार्यों से जुड़े होते हैं।
गुजरात सरकार का यह निर्णय पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इससे सैन्य सेवा के बाद युवाओं को सम्मानजनक करियर विकल्प प्राप्त होंगे और राज्य की सुरक्षा एवं प्रशासनिक सेवाओं को प्रशिक्षित मानव संसाधन का लाभ मिलेगा।