कॉमनवेल्थ फेंसिंग में भारत का ऐतिहासिक दबदबा

कॉमनवेल्थ फेंसिंग में भारत का ऐतिहासिक दबदबा

भारत ने नाइजीरिया के लागोस में आयोजित कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में अपना पहला ओवरऑल खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। अंडर-23 और सीनियर वर्गों को मिलाकर भारत ने 35 पदक हासिल किए, जिनमें 13 स्वर्ण, 8 रजत और 14 कांस्य शामिल रहे। इस प्रदर्शन के दम पर भारत को प्रतिष्ठित विल्किन्सन स्वॉर्ड ट्रॉफी भी मिली, जो चैंपियनशिप में सर्वश्रेष्ठ समग्र प्रदर्शन वाली टीम को दी जाती है।

अंडर-23 से शुरू हुई पदक यात्रा

भारत ने प्रतियोगिता की शुरुआत ही मजबूत अंदाज में की और 9 अगस्त को अंडर-23 व्यक्तिगत स्पर्धाओं में 17 पदक अपने नाम किए। इस वर्ग में निखिल वाघ, जोयस अशिता, प्राची लोहान और जेफरलिन ने स्वर्ण पदक जीते। शुरुआती सफलता ने भारतीय दल का आत्मविश्वास बढ़ाया और आगे के मुकाबलों में टीम का प्रदर्शन और भी प्रभावशाली रहा।

सीनियर वर्ग में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा

10 अगस्त को तनिक्शा खत्री ने सीनियर महिला एपे व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतकर भारत की झोली में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ी। उन्होंने फाइनल में खुषी डभाड़े को 15-7 से हराया। खास बात यह रही कि यह इस चैंपियनशिप में सीनियर व्यक्तिगत वर्ग में भारत का पहला स्वर्ण था। इसके बाद 11 अगस्त को भारत ने सीनियर व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पांच और पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण शामिल थे।

सीनियर व्यक्तिगत स्वर्ण पदक विजेताओं में कनगलक्ष्मी (महिला फॉयल), राजेंद्रन शांथिमोल शेरजिन (पुरुष एपे) और करण सिंह (पुरुष साबर) शामिल रहे। इन नतीजों ने यह साफ कर दिया कि भारत अब केवल युवा वर्ग में ही नहीं, बल्कि सीनियर स्तर पर भी फेंसिंग में मजबूत दावेदार बन चुका है।

टीम इवेंट में भी भारत सबसे आगे

12 अगस्त को हुए टीम मुकाबलों में भारत ने छह में से पांच सीनियर टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीते। इनमें पुरुष साबर, महिला साबर, पुरुष एपे, महिला एपे और महिला फॉयल शामिल रहे। पुरुष फॉयल टीम को रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

टीम स्पर्धाओं में इस शानदार प्रदर्शन ने भारत को विल्किन्सन स्वॉर्ड ट्रॉफी दिलाई। कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन 1982 से यह ट्रॉफी उस देश को देता आ रहा है, जो चैंपियनशिप में सबसे बेहतर समग्र प्रदर्शन करता है। भारत के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी अहम है क्योंकि इससे अंतरराष्ट्रीय फेंसिंग में उसकी प्रतिस्पर्धी क्षमता और गहराई दोनों सामने आई हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • फेंसिंग की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तीन प्रमुख हथियार होते हैं: फॉयल, एपे और साबर।
  • विल्किन्सन स्वॉर्ड ट्रॉफी 1982 से कॉमनवेल्थ फेंसिंग फेडरेशन द्वारा दी जा रही है।
  • भारत ने कॉमनवेल्थ फेंसिंग चैंपियनशिप 2026 में कुल 35 पदक जीते।
  • तनिक्शा खत्री ने सीनियर महिला एपे में ऑल-इंडियन फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया।

लागोस में मिला यह परिणाम भारतीय फेंसिंग के लिए एक मील का पत्थर है। अंडर-23 से लेकर सीनियर टीम इवेंट तक भारत का संतुलित प्रदर्शन आने वाले वर्षों में इस खेल में और बड़ी उम्मीदें जगाता है।

Originally written on August 14, 2026 and last modified on August 14, 2026.

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