कैबिनेट के बड़े फैसले: रबी फसलों को राहत, हरित ऊर्जा और दिल्ली ट्रैफिक सिस्टम को बढ़ावा
केंद्र सरकार ने 30 सितंबर 2026 को ₹2,79,157 करोड़ के पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने, हरित ऊर्जा के लिए ट्रांसमिशन ढांचे को मजबूत करने और दिल्ली में आधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली लागू करने जैसे अहम फैसले शामिल हैं। ये निर्णय कृषि आय, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और शहरी यातायात सुधार—तीनों मोर्चों पर असर डालेंगे।
रबी फसलों के लिए बढ़ा न्यूनतम समर्थन मूल्य
आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 2027-28 विपणन सत्र के लिए सभी छह अधिदेशित रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार के अनुमान के अनुसार इस फैसले से किसानों को लगभग ₹90,962 करोड़ का भुगतान होगा। सबसे अधिक बढ़ोतरी कुसुम में ₹675 प्रति क्विंटल की गई है। इसके बाद सरसों और राई के लिए ₹413 प्रति क्विंटल, मसूर के लिए ₹390 प्रति क्विंटल, जौ के लिए ₹136 प्रति क्विंटल, चने के लिए ₹83 प्रति क्विंटल और गेहूं के लिए ₹25 प्रति क्विंटल की वृद्धि तय की गई है। यह कदम खरीद व्यवस्था को अधिक लाभकारी बनाने और किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप बेहतर मूल्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
हरित ऊर्जा गलियारे से बिजली ढांचे को मजबूती
कैबिनेट ने ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III योजना को भी मंजूरी दी है, जिसका कुल परियोजना व्यय ₹1,86,405 करोड़ है। इस योजना का उद्देश्य राज्यों के भीतर ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करना और वित्त वर्ष 2032-33 तक 135 गीगावाट तक नवीकरणीय ऊर्जा के निर्बाध निकासी की क्षमता विकसित करना है। इस योजना में 50 गीगावाट-घंटे की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली भी शामिल है। केंद्र सरकार की ओर से इस परियोजना के लिए ₹54,082 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी। ऊर्जा क्षेत्र के लिए यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि सौर और पवन ऊर्जा जैसी स्रोतों के साथ ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में ट्रांसमिशन और स्टोरेज दोनों की भूमिका बढ़ जाती है।
दिल्ली में स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन की नई व्यवस्था
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को भी मंजूरी मिली है, जिसकी अनुमानित लागत ₹1,789.52 करोड़ है, जिसे लगभग ₹1,790 करोड़ माना गया है। इस परियोजना को दिल्ली पुलिस 42 चिन्हित ट्रैफिक कॉरिडोर में तीन चरणों में 24 महीनों के भीतर लागू करेगी। इसके बाद पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव भी किया जाएगा। इस प्रणाली में एआई-आधारित सिग्नल, रीयल-टाइम जाम पहचान, स्वचालित प्रवर्तन और आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता जैसी सुविधाएं होंगी। दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में यह व्यवस्था यातायात अनुशासन, समय की बचत और सड़क सुरक्षा के लिहाज से उपयोगी मानी जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सरकार द्वारा तय वह मूल्य है, जिस पर चयनित कृषि उपज की खरीद की जाती है।
- रबी फसलें सर्दियों में बोई जाती हैं और वसंत में काटी जाती हैं; गेहूं, चना, जौ, मसूर, सरसों और कुसुम प्रमुख रबी फसलें हैं।
- बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली बिजली को संग्रहित कर ग्रिड स्थिरता बनाए रखने में मदद करती है।
- दिल्ली इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम को दिल्ली पुलिस लागू करेगी और यह 42 कॉरिडोर को कवर करेगा।
इन फैसलों से साफ है कि सरकार कृषि समर्थन, ऊर्जा अवसंरचना और शहरी प्रबंधन—तीनों क्षेत्रों में एक साथ निवेश बढ़ा रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का असर किसानों की आय, बिजली नेटवर्क की मजबूती और दिल्ली की यातायात व्यवस्था पर दिख सकता है।