केन्या के मोंबासा बंदरगाह पर पहुंचा आईएनएस तरकश, समुद्री साझेदारी को नई गति

केन्या के मोंबासा बंदरगाह पर पहुंचा आईएनएस तरकश, समुद्री साझेदारी को नई गति

भारतीय नौसेना का अग्रिम पंक्ति का गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस तरकश 29 सितंबर 2026 को केन्या के मोंबासा बंदरगाह पहुंचा। यह दौरा एक ऑपरेशनल टर्नअराउंड के तहत किया गया है, जिसके दौरान जहाज की आवश्यक तैयारी, रसद सहायता और चालक दल को विश्राम जैसी गतिविधियां होती हैं। यह पोर्ट कॉल 2 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा।

मोंबासा दौरे का रणनीतिक महत्व

मोंबासा बंदरगाह केन्या का प्रमुख समुद्री द्वार है और हिंद महासागर तट पर स्थित होने के कारण पूर्वी अफ्रीका के लिए भी बेहद अहम है। ऐसे बंदरगाह दौरे केवल औपचारिक नहीं होते, बल्कि इनमें नौसैनिक सहयोग, पेशेवर संवाद और समुद्री क्षेत्र में आपसी समझ को मजबूत करने के अवसर मिलते हैं। आईएनएस तरकश की यह यात्रा भारत की उस व्यापक समुद्री उपस्थिति का हिस्सा है, जिसके जरिए वह हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदार देशों के साथ संपर्क बनाए रखता है।

आईएनएस तरकश और उसकी भूमिका

आईएनएस तरकश भारतीय नौसेना का तलवार श्रेणी का फ्रिगेट है। गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट ऐसे युद्धपोत होते हैं, जिनमें सतह से सतह और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, तोपें, सेंसर और समुद्री अभियानों के लिए हेलीकॉप्टर जैसी क्षमताएं होती हैं। इस तरह के जहाज लंबी दूरी की तैनाती, निगरानी, सुरक्षा और समुद्री सहयोग अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मोंबासा में ठहराव के दौरान भारतीय और केन्याई नौसैनिक कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत होगी। इसके साथ ही सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर सद्भाव और समुद्री साझेदारी को बढ़ाना है।

पोर्ट कॉल के बाद PASSEX और समुद्री सहयोग

मोंबासा से रवाना होने के बाद आईएनएस तरकश केन्या नौसेना के साथ PASSEX यानी Passage Exercise में भाग लेगा। यह समुद्र में किया जाने वाला एक नौसैनिक अभ्यास होता है, जिसमें दो जहाज या बेड़े आपसी समन्वय, संचार और संचालन क्षमता का अभ्यास करते हैं। ऐसे अभ्यास मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाते हैं और समुद्री सुरक्षा सहयोग को व्यावहारिक आधार देते हैं।

भारत की समुद्री नीति में हिंद महासागर क्षेत्र को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी संदर्भ में भारत की MAHASAGAR दृष्टि का उद्देश्य क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाना है। केन्या के साथ यह नौसैनिक संपर्क पश्चिमी हिंद महासागर में भारत की परिचालन समझ और साझेदारी को भी मजबूत करता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईएनएस तरकश भारतीय नौसेना का गाइडेड-मिसाइल फ्रिगेट है और यह तलवार श्रेणी से संबंधित है।
  • मोंबासा बंदरगाह केन्या में हिंद महासागर तट पर स्थित है और पूर्वी अफ्रीका का प्रमुख समुद्री प्रवेश द्वार माना जाता है।
  • PASSEX का पूरा नाम Passage Exercise है, जो समुद्र में नौसैनिक अभ्यास के लिए किया जाता है।
  • ऑपरेशनल टर्नअराउंड में जहाज की आपूर्ति, रखरखाव, चालक दल का विश्राम और मिशन तैयारी शामिल होती है।

आईएनएस तरकश की यह यात्रा भारत-केन्या समुद्री संबंधों को व्यावहारिक स्तर पर आगे बढ़ाती है और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका को भी रेखांकित करती है।

Originally written on September 30, 2026 and last modified on September 30, 2026.

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