कवच 4.0 से रेल सुरक्षा नेटवर्क को नई मजबूती
भारतीय रेल ने 28 सितंबर 2026 को उत्तर पूर्व रेलवे के वाराणसी मंडल में 614.75 रूट किलोमीटर क्षेत्र में कवच संस्करण 4.0 लगाने के लिए 223 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। यह कदम ट्रेन संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने और सिग्नल उल्लंघन जैसी घटनाओं को रोकने की दिशा में एक अहम विस्तार माना जा रहा है।
कवच क्या है और क्यों अहम है
कवच भारतीय रेल का स्वदेशी Automatic Train Protection सिस्टम है, जिसे ट्रेन सुरक्षा और सिग्नल अनुपालन के लिए विकसित किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य Signal Passing at Danger यानी एसपीएडी जैसी स्थिति को रोकना है, जिसमें ट्रेन खतरे का संकेत दिखाने वाले सिग्नल को पार कर जाती है। यह प्रणाली जरूरत पड़ने पर स्वतः ब्रेक लगा सकती है और ट्रेन की गतिविधियों की लगातार निगरानी करती है।
कवच को Safety Integrity Level-4 प्रमाणन प्राप्त है, जो सुरक्षा-आधारित प्रणालियों में उच्चतम स्तरों में से एक माना जाता है। इसी वजह से इसे भारतीय रेल की आधुनिक सुरक्षा संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
कवच 4.0 में क्या नया है
कवच संस्करण 4.0 को 16 जुलाई 2024 को रिसर्च डिज़ाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइज़ेशन ने मंजूरी दी थी। इस संस्करण में तकनीकी उन्नयन के साथ बेहतर लोकेशन सटीकता भी शामिल है, जिससे ट्रेन की स्थिति और संचालन पर अधिक भरोसेमंद नियंत्रण संभव होता है।
इसका पहला कमीशनिंग 23 सितंबर 2026 को दक्षिण मध्य रेलवे के हैदराबाद मंडल में मलकाजगिरी-कामारेड्डी खंड पर हुआ, जिसकी लंबाई 108 रूट किलोमीटर है। इसके बाद वाराणसी मंडल में नया स्वीकृत कार्य कवच नेटवर्क के विस्तार को आगे बढ़ाएगा।
रेल सुरक्षा ढांचे के विस्तार की दिशा
20 अगस्त 2026 तक कवच 4.0 को 2,633 रूट किलोमीटर क्षेत्र में लागू किया जा चुका था, जिसमें मुख्य रूप से दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-हावड़ा जैसे व्यस्त मार्ग शामिल थे। वाराणसी मंडल के लिए मिली ताजा मंजूरी इन प्रमुख मार्गों के बाहर भी सुरक्षा कवरेज बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
यह मंजूरी उसी दिन स्वीकृत 345 करोड़ रुपये के बड़े अवसंरचना पैकेज का हिस्सा थी, जिसमें ओडिशा में 6 किलोमीटर रेल लाइन दोहरीकरण परियोजना भी शामिल है। इससे संकेत मिलता है कि भारतीय रेल सुरक्षा और क्षमता विस्तार, दोनों पर समान रूप से ध्यान दे रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कवच भारतीय रेल का स्वदेशी Automatic Train Protection सिस्टम है।
- एसपीएडी का पूरा रूप Signal Passing at Danger है, जिसे कवच रोकने के लिए बनाया गया है।
- कवच 4.0 को 16 जुलाई 2024 को RDSO की मंजूरी मिली थी।
- Safety Integrity Level-4 सुरक्षा-आधारित प्रणालियों में उच्च विश्वसनीयता का स्तर माना जाता है।
वाराणसी मंडल में कवच 4.0 का विस्तार भारतीय रेल की उस नीति को मजबूत करता है, जिसमें तकनीक के जरिए दुर्घटना-जोखिम घटाने और संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।