कर्नाटक ने हम्पी, मैसूरु और लक्कुंडी को ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट परियोजना के लिए किया नामित
पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में कर्नाटक सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 7 जुलाई 2026 को राज्य सरकार ने हम्पी, मैसूरु और लक्कुंडी को ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट परियोजना के लिए केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय को अनुशंसित करने का निर्णय लिया। यह प्रस्ताव 6 और 7 जुलाई 2026 को हम्पी में आयोजित राज्य स्तरीय परामर्श बैठक के बाद अंतिम रूप दिया गया। यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो इन ऐतिहासिक स्थलों का व्यापक विकास कर उन्हें विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट परियोजना क्या है?
ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट परियोजना का उद्देश्य भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करना है। इस योजना के तहत राज्य सरकारों और निजी क्षेत्र के सहयोग से आधुनिक पर्यटन अवसंरचना तैयार की जाएगी। अंतिम निर्णय केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार के प्रस्ताव की समीक्षा के बाद लिया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण को मजबूत करना भी है।
विकास योजना और वित्तीय सहायता
चयनित पर्यटन स्थलों को दो चरणों में कुल 800 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलने की संभावना है। पहले चरण में 500 करोड़ रुपये और दूसरे चरण में 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण, बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क, आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, विरासत संरक्षण, सतत विकास तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए किया जाएगा। यह योजना भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर अधिक आकर्षक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हम्पी, मैसूरु और लक्कुंडी की विशेषताएं
हम्पी कर्नाटक का प्रसिद्ध ऐतिहासिक नगर है, जिसे वर्ष 1986 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा प्राप्त हुआ था। यह विजयनगर साम्राज्य की ऐतिहासिक राजधानी के रूप में जाना जाता है और अपने भव्य मंदिरों, स्मारकों तथा प्राचीन स्थापत्य कला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। मैसूरु कर्नाटक की सांस्कृतिक राजधानी माना जाता है। यहां का शाही महल, दशहरा उत्सव और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। लक्कुंडी अपनी चालुक्यकालीन मंदिर वास्तुकला, प्राचीन बावड़ियों और ऐतिहासिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है। यह स्थान दक्षिण भारत की मध्यकालीन स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।
विरासत संरक्षण और आधुनिक पर्यटन सुविधाएं
प्रस्ताव के अनुसार हम्पी के स्मारकों का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण और डिजिटल संरक्षण किया जाएगा। इसके अलावा हम्पी और बल्लारी रेलवे स्टेशनों को विरासत स्टेशन के रूप में विकसित करने की योजना है। परियोजना में एक अंतरराष्ट्रीय व्याख्या केंद्र (इंटरप्रिटेशन सेंटर) और पर्यटन महाविद्यालय की स्थापना का भी प्रस्ताव शामिल है। इन पहलों से पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हम्पी को वर्ष 1986 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में सूचीबद्ध किया गया था।
- विजयनगर साम्राज्य ने हम्पी को दक्षिण भारत की सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक राजधानियों में विकसित किया था।
- कर्नाटक का लक्कुंडी अपने चालुक्यकालीन मंदिरों और प्राचीन बावड़ियों के लिए प्रसिद्ध है।
- विरासत पर्यटन का उद्देश्य ऐतिहासिक, स्थापत्य और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों के संरक्षण के साथ पर्यटन को बढ़ावा देना है।
कर्नाटक सरकार की यह पहल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि प्रस्ताव को केंद्रीय स्वीकृति मिलती है, तो हम्पी, मैसूरु और लक्कुंडी में आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को भी नई ऊर्जा प्राप्त होगी।