ओमान-सऊदी ‘ग्रीन कॉरिडोर’ से रेगिस्तानी व्यापार मार्ग को नई गति
ओमान और सऊदी अरब ने अगस्त 2026 में ‘सिक्योर ग्रीन लैंड कॉरिडोर’ शुरू किया, जो रब’ अल खाली यानी ‘एम्प्टी क्वार्टर’ के पार एक सीधा भूमि-आधारित लॉजिस्टिक्स मार्ग है। यह कॉरिडोर ओमान के सोहर पोर्ट को सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में स्थित एक इनलैंड ड्राई-पोर्ट सुविधा से जोड़ता है और दोनों देशों के बीच माल ढुलाई को तेज़, सुरक्षित और अधिक कुशल बनाने के लिए तैयार किया गया है।
रेगिस्तान के बीच नया रणनीतिक मार्ग
यह कॉरिडोर केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि सीमा-पार लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का हिस्सा है। इसे ओमान की Arkan Logistics और सऊदी अरब की SPARK Logistics के बीच रणनीतिक साझेदारी के जरिए सक्रिय किया गया। सऊदी परिवहन मंत्रालय ने 6 अगस्त 2026 को द्विपक्षीय लॉजिस्टिक्स समझौते के बाद इसकी घोषणा की।
इस मार्ग की खासियत यह है कि यह समुद्री और स्थलीय परिवहन को जोड़ता है। सोहर पोर्ट से आने वाला माल अब सीधे रेगिस्तानी सड़क के जरिए सऊदी अरब के भीतर स्थित लॉजिस्टिक्स केंद्र तक पहुंच सकता है। इससे कुछ चुनिंदा माल ढुलाई के लिए समुद्री मार्गों और सीमाई ट्रांजिट पर निर्भरता कम होती है।
रब’ अल खाली की भौगोलिक चुनौती और परियोजना का महत्व
रब’ अल खाली अरब प्रायद्वीप का एक विशाल और कठिन रेगिस्तानी क्षेत्र है, जो सऊदी अरब, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और यमन तक फैला हुआ है। इसे दुनिया के सबसे बड़े निरंतर रेत-रेगिस्तानों में गिना जाता है। ऐसे इलाके में सड़क और लॉजिस्टिक्स ढांचे का विकास तकनीकी और भौगोलिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
इस कॉरिडोर का एक बड़ा लाभ यह है कि यह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ और यूएई ट्रांजिट सीमाओं को कुछ माल ढुलाई के लिए बायपास करता है। हालांकि, इसे कच्चे तेल के बड़े पैमाने पर समुद्री परिवहन का विकल्प नहीं माना गया है; इसका उद्देश्य मुख्य रूप से लॉजिस्टिक्स दक्षता बढ़ाना है।
निर्माण, लागत और समय बचत
सऊदी हिस्से की सड़क 564 किलोमीटर लंबी है और इसकी लागत लगभग 2 अरब सऊदी रियाल, यानी करीब 533 मिलियन अमेरिकी डॉलर बताई गई है। इस परियोजना के निर्माण में 150 मिलियन घन मीटर रेत को हटाना और स्थानांतरित करना पड़ा, जो रेगिस्तानी निर्माण की जटिलता को दिखाता है।
यह मार्ग माल ढुलाई के समय को 14 से 18 घंटे तक कम कर सकता है। 2021 के दिसंबर में इस रेगिस्तानी हाईवे को यातायात के लिए खोल दिया गया था, जिससे बाद में इस लॉजिस्टिक्स व्यवस्था के लिए आधारभूत ढांचा तैयार हुआ।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- रब’ अल खाली को ‘एम्प्टी क्वार्टर’ कहा जाता है और यह अरब प्रायद्वीप का प्रमुख रेगिस्तान है।
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकीर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है।
- सोहर पोर्ट ओमान में स्थित है और खाड़ी क्षेत्र के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण बंदरगाह माना जाता है।
- ड्राई पोर्ट समुद्री बंदरगाह से दूर स्थित ऐसा इनलैंड टर्मिनल होता है, जहां कार्गो संचालन और लॉजिस्टिक्स गतिविधियां होती हैं।
यह कॉरिडोर खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक संपर्क, आपूर्ति श्रृंखला और सीमा-पार परिवहन के नए मॉडल की ओर इशारा करता है। रेगिस्तान के बीच बना यह मार्ग आने वाले समय में क्षेत्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए एक महत्वपूर्ण कड़ी बन सकता है।