ओडिशा में SiC सेमीकंडक्टर यूनिट से बढ़ेगी हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग
ओडिशा को अपनी दूसरी सेमीकंडक्टर इकाई के रूप में सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) डिवाइस निर्माण सुविधा की मंजूरी मिली है। यह परियोजना म/स SiCSem Private Limited की है और इसमें ₹3,406.25 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है। यह यूनिट खोरधा जिले के जटनी तहसील के अरिसोल मौजा स्थित IDCO Infovalley-II में, फाल्टा विशेष आर्थिक क्षेत्र के भीतर स्थापित की जाएगी।
SiC सेमीकंडक्टर क्यों अहम हैं
सिलिकॉन कार्बाइड एक वाइड-बैंडगैप सेमीकंडक्टर सामग्री है, जिसका उपयोग उच्च शक्ति और उच्च तापमान वाले अनुप्रयोगों में किया जाता है। पारंपरिक सिलिकॉन आधारित उपकरणों की तुलना में SiC डिवाइस अधिक वोल्टेज और तापमान पर काम कर सकते हैं, इसलिए इनकी मांग इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियों, रेलवे और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स में तेजी से बढ़ रही है।
परियोजना की क्षमता और उत्पादन योजना
यह सुविधा SiC सेमीकंडक्टर डिवाइस बनाएगी, जिनमें SiC डायोड और SiC MOSFET शामिल हैं। परियोजना के तहत सालाना 4.8 मिलियन SiC डायोड और 91.2 मिलियन SiC MOSFET के उत्पादन की योजना है। इसके लिए 21.889 एकड़ क्षेत्र निर्धारित किया गया है।
मंजूरी, निवेश और रोजगार की तस्वीर
इस परियोजना को 29 अगस्त 2026 को यूनिट अप्रूवल कमेटी की 217वीं बैठक में मंजूरी मिली। अनुमान है कि इससे लगभग 1,270 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। वित्तीय ढांचे में ₹700 करोड़ की केंद्रीय पूंजी सब्सिडी, ₹350 करोड़ की ओडिशा सरकार की सब्सिडी और ₹1,956.25 करोड़ का प्रमोटर योगदान शामिल है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सिलिकॉन कार्बाइड एक यौगिक सेमीकंडक्टर है, जो सिलिकॉन और कार्बन से बनता है।
- SiC MOSFET पावर इलेक्ट्रॉनिक्स में इस्तेमाल होने वाले उच्च दक्षता वाले स्विच हैं।
- फाल्टा विशेष आर्थिक क्षेत्र भारत के अधिसूचित विशेष आर्थिक क्षेत्रों में शामिल है।
- Net Foreign Exchange निर्यात-उन्मुख औद्योगिक परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाला एक मानक आर्थिक माप है।
पहले पांच वर्षों में इस इकाई से लगभग ₹7,043 करोड़ का निर्यात कारोबार और करीब ₹4,523 करोड़ का Net Foreign Exchange अर्जित होने का अनुमान है। यह परियोजना ओडिशा को उभरते सेमीकंडक्टर विनिर्माण मानचित्र पर और मजबूत कर सकती है।