ओएनजीसी की कमान संभालेंगे सुनील कुमार, संचालन का अनुभव बनेगा आधार
सरकार ने तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) के अगले अध्यक्ष के रूप में सुनील कुमार की नियुक्ति को मंजूरी दी है। वह अभी निगम के मेहसाणा परिसंपत्ति के कार्यकारी निदेशक और परिसंपत्ति प्रबंधक हैं। कुमार 7 दिसंबर 2026 या उसके बाद पदभार संभालेंगे और अरुण कुमार सिंह का स्थान लेंगे, जिनका विस्तारित कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है।
नियुक्ति और कार्यकाल की रूपरेखा
नियुक्ति को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने स्वीकृति दी। इससे पहले पेट्रोलियम मंत्रालय की खोज-सह-चयन समिति ने इस पद के लिए कुमार के नाम की सिफारिश की थी। उनका कुल कार्यकाल तीन वर्ष का होगा। इसमें 31 दिसंबर 2028 को सेवानिवृत्ति के बाद की संविदात्मक सेवा भी शामिल है।
कुमार की नियुक्ति ओएनजीसी के भीतर से संचालन का अनुभव रखने वाले अधिकारी को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाती है। वह निगम के ऐसे पहले अधिकारी हैं, जो कार्यकारी निदेशक के पद से सीधे अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।
तीन दशक से अधिक का अनुभव और प्रमुख परियोजनाएं
कुमार ने 1991 में असम में उत्पादन विभाग के सहायक कार्यकारी अभियंता के रूप में ओएनजीसी में काम शुरू किया था। 8 जनवरी 2025 को उन्हें मेहसाणा परिसंपत्ति का प्रबंधक बनाया गया। अपने करियर में उन्होंने तेल और गैस खोज तथा उत्पादन से जुड़ी कई परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन में भूमिका निभाई है।
उनके अनुभव में भारत के पूर्वी तट पर स्थित वशिष्ठा और एस1 गहरे समुद्र की परियोजना शामिल है। उन्होंने एक बड़ी उथले समुद्र की समुद्रतलीय परियोजना की योजना और क्रियान्वयन का भी नेतृत्व किया, जिसमें 11 समुद्रतलीय कुओं की खुदाई, उन्हें उत्पादन के लिए तैयार करना और उत्पादन शुरू करना शामिल था। कुमार ने इंडियन स्कूल ऑफ माइंस, धनबाद से पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में स्नातक किया है और व्यवसाय प्रबंधन में स्नातकोत्तर योग्यता भी हासिल की है।
ओएनजीसी के लिए नेतृत्व परिवर्तन का महत्व
ओएनजीसी भारत की सबसे बड़ी तेल एवं गैस खोज तथा उत्पादन कंपनी है। खोज और उत्पादन क्षेत्र में भूमिगत या समुद्र के नीचे मौजूद तेल तथा प्राकृतिक गैस भंडार तलाशने और उनका निष्कर्षण करने का काम आता है। कंपनी की परिसंपत्तियां समुद्रतट से दूर और देश के भीतर, दोनों क्षेत्रों में फैली हैं।
ओएनजीसी को महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम का दर्जा प्राप्त है। ऐसे बड़े उपक्रमों में नेतृत्व की जिम्मेदारी के लिए क्षेत्र का अनुभव, परियोजना संचालन और दीर्घकालिक योजना अहम होते हैं। कुमार का करियर उत्पादन कार्यों और समुद्री परियोजनाओं से जुड़ा रहा है; इसलिए उनकी नियुक्ति कंपनी के परिचालन नेतृत्व में निरंतरता बनाए रखने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ओएनजीसी एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है।
- सुनील कुमार ने 1991 में ओएनजीसी में सहायक कार्यकारी अभियंता (उत्पादन) के रूप में सेवा शुरू की थी।
- वशिष्ठा और एस1 भारत के पूर्वी तट की गहरे समुद्र की परियोजना है।
- नियुक्ति के समय कुमार की आयु 58 वर्ष थी।
कुमार का पदभार ग्रहण करना ओएनजीसी के नेतृत्व में बदलाव के साथ-साथ कंपनी के भीतर विकसित परिचालन विशेषज्ञता को शीर्ष स्तर पर स्थान देगा।