एशियाई विकास बैंक में सुधार की भारत की मांग

एशियाई विकास बैंक में सुधार की भारत की मांग

भारत ने एशियाई विकास बैंक (ADB) में सुधार और अधिक वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह मांग ऐसे समय में आई है जब विकासशील देशों को बुनियादी ढांचे, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक क्षेत्रों में अधिक निवेश की जरूरत है। मनीला स्थित यह बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

एशियाई विकास बैंक का परिचय

एशियाई विकास बैंक की स्थापना 1966 में हुई थी और इसका मुख्यालय फिलीपींस के मनीला में स्थित है। इस बैंक में कुल 69 सदस्य देश हैं, जिनमें 50 एशिया-प्रशांत क्षेत्र से और 19 अन्य क्षेत्रों से हैं। ADB का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है, जिसके लिए यह विभिन्न परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

ADB की वित्तीय संरचना और कार्य

ADB विभिन्न प्रकार की वित्तीय सेवाएं प्रदान करता है, जिनमें ऋण, अनुदान, इक्विटी निवेश और गारंटी शामिल हैं। यह संस्थान बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, जल आपूर्ति, सामाजिक विकास और जलवायु से जुड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश करता है। इसके दो प्रमुख वित्तीय स्रोत हैं—ऑर्डिनरी कैपिटल रिसोर्सेज और एशियन डेवलपमेंट फंड, जो विशेष रूप से गरीब सदस्य देशों को रियायती सहायता प्रदान करता है।

भारत की भूमिका और मांग

भारत ADB का संस्थापक सदस्य है और इसके प्रमुख उधारकर्ताओं तथा शेयरधारकों में से एक है। भारत ने परिवहन, शहरी विकास, ऊर्जा और जल परियोजनाओं के लिए ADB से वित्तीय सहायता प्राप्त की है। वर्तमान में भारत ने बैंक में सुधार, अधिक पारदर्शिता और विकासशील देशों के लिए बढ़ी हुई वित्तीय सहायता की आवश्यकता पर जोर दिया है, ताकि क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

” एशियाई विकास बैंक की स्थापना 1966 में हुई थी। ” इसका मुख्यालय मनीला, फिलीपींस में स्थित है। ” ADB के कुल 69 सदस्य देश हैं। ” एशियन डेवलपमेंट फंड गरीब देशों को रियायती वित्तीय सहायता प्रदान करता है। एशियाई विकास बैंक में सुधार की भारत की मांग विकासशील देशों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग और सतत विकास को नई गति मिल सकती है।

Originally written on May 5, 2026 and last modified on May 5, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *