एशियाई पैरा खेलों में भारत को तैराकी के दो कांस्य
नागोया, जापान में 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित एशियाई पैरा खेलों में भारतीय तैराक हिमांशु नांदल और निरंजन मुकुंदन ने कांस्य पदक जीतकर देश की पदक तालिका में योगदान दिया। यह भारत के अभियान का दूसरा दिन था। उस दिन तक भारत 35 पदकों के साथ तालिका में छठे स्थान पर था।
नांदल और मुकुंदन ने दर्ज की कांस्य जीत
22 वर्षीय हिमांशु नांदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में 5 मिनट 10.91 सेकंड का समय लेकर तीसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा में चार तैराकों ने हिस्सा लिया था। नांदल दृष्टिबाधित हैं; जन्म से ही उनकी दृष्टि ऑप्टिक तंत्रिका की समस्या के कारण प्रभावित थी। तैराकी से पहले वे जूडो में राष्ट्रीय स्तर पर सफल रहे और 2021 में तैराकी अपनाई। उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई की है।
निरंजन मुकुंदन ने पुरुषों की 200 मीटर व्यक्तिगत मेडले एसएम7 स्पर्धा में 2 मिनट 57.01 सेकंड के समय के साथ कांस्य पदक जीता। व्यक्तिगत मेडले में तैराक चार शैलियों—बटरफ्लाई, बैकस्ट्रोक, ब्रेस्टस्ट्रोक और फ्रीस्टाइल—में निर्धारित क्रम से तैरते हैं। मुकुंदन स्पाइना बिफिडा और क्लबफुट के साथ जन्मे थे और उनकी 19 सुधारात्मक सर्जरी हो चुकी हैं। वे 107 से अधिक अंतरराष्ट्रीय पदक जीत चुके हैं तथा उनके नाम कई एशियाई रिकॉर्ड हैं।
पैरा तैराकी में वर्गीकरण क्यों अहम है
पैरा तैराकी में खिलाड़ियों को उनकी दिव्यांगता का प्रदर्शन पर पड़ने वाला प्रभाव देखकर खेल-वर्ग दिए जाते हैं। एस संकेत फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक और बटरफ्लाई स्पर्धाओं में इस्तेमाल होता है, जबकि एसएम व्यक्तिगत मेडले के लिए है। इसके बाद आने वाली संख्या खिलाड़ी का वर्ग बताती है। एस11 गंभीर दृष्टिबाधिता वाले तैराकों का वर्ग है। निष्पक्ष और सुरक्षित मुकाबले के लिए एस11 तैराक अपारदर्शी चश्मा पहनते हैं; दीवार के पास पहुंचने की सूचना देने के लिए सहायक टैपर छड़ी से संकेत कर सकता है। एसएम7 व्यक्तिगत मेडले में पात्र शारीरिक दिव्यांगता वाले तैराकों का वर्ग है।
एशियाई पैरा खेलों का संदर्भ
एशियाई पैरा खेल एशिया के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आयोजित बहु-खेल प्रतियोगिता है। इसकी शुरुआत 2010 में चीन के ग्वांगझू में हुई थी। तैराकी में वर्गीकरण यह सुनिश्चित करने में मदद करता है कि प्रतियोगिता खिलाड़ियों की दिव्यांगता के अनुरूप तय मानकों के तहत हो।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पहले एशियाई पैरा खेल 2010 में ग्वांगझू, चीन में आयोजित हुए थे।
- पैरा तैराकी में एस संकेत फ्रीस्टाइल, बैकस्ट्रोक और बटरफ्लाई के लिए होता है।
- एसबी ब्रेस्टस्ट्रोक और एसएम व्यक्तिगत मेडले का वर्ग-संकेत है।
- स्पाइना बिफिडा जन्मजात स्थिति है, जिसमें रीढ़ और मेरुरज्जु का विकास ठीक से नहीं होता।
नांदल और मुकुंदन के पदक भारत के पैरा तैराकों की अलग-अलग स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाते हैं।