एशियाई पैरा खेलों में अशोक मलिक का रजत, भारत को पहला पदक
भारत के अशोक कुमार मलिक ने जापान के नागोया में 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित एशियाई पैरा खेलों की पुरुष 65 किलोग्राम पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीता। 37 वर्षीय मलिक ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास 192 किलोग्राम का दर्ज किया। इस स्पर्धा में चीन के झोउ यी ने 216 किलोग्राम उठाकर स्वर्ण और इंडोनेशिया के मार्गोनो ने 177 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक हासिल किया।
मलिक ने पिछले प्रदर्शन में किया सुधार
65 किलोग्राम वर्ग में खिलाड़ियों की रैंकिंग उनके सफल प्रयास में उठाए गए सबसे अधिक भार के आधार पर तय हुई। पैरालंपिक चैंपियन झोउ यी ने शीर्ष स्थान हासिल किया, जबकि मलिक उनसे 24 किलोग्राम पीछे रहे। मलिक का यह रजत पदक पिछले एशियाई पैरा खेलों में जीते गए कांस्य पदक से बेहतर प्रदर्शन है। इसके साथ ही वह 2026 के खेलों में भारत के लिए पैरा पावरलिफ्टिंग का पहला पदक जीतने वाले खिलाड़ी बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मलिक को पदक जीतने पर बधाई दी।
पैरा पावरलिफ्टिंग में कैसे तय होता है विजेता
पैरा पावरलिफ्टिंग में खिलाड़ी बेंच प्रेस के माध्यम से भार उठाते हैं। प्रतियोगी को बारबेल छाती तक नीचे लाकर, निर्णायकों के निर्देशों और तकनीकी नियमों के अनुसार उसे ऊपर प्रेस करना होता है। आम तौर पर प्रत्येक खिलाड़ी को तीन प्रयास मिलते हैं और सफल प्रयासों में उठाया गया सबसे अधिक भार परिणाम तय करता है। बार पर नियंत्रण और प्रेस को पूरा करना मान्य लिफ्ट के लिए जरूरी है।
खिलाड़ियों का वर्गीकरण लिंग और शरीर के वजन के आधार पर होता है, न कि उनकी दिव्यांगता के प्रकार के आधार पर। इसलिए 65 किलोग्राम वर्ग खिलाड़ी के शरीर के वजन की श्रेणी बताता है; इसका अर्थ यह नहीं कि खिलाड़ी केवल 65 किलोग्राम भार उठाता है। मलिक के 192 किलोग्राम के सफल प्रयास ने भारत को इस स्पर्धा में पदक दिलाया।
एशियाई पैरा खेलों का महत्व
एशियाई पैरा खेल एशिया के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए आयोजित बहु-खेल प्रतियोगिता है। इसका आयोजन चार वर्ष के अंतराल पर होता है और एशियाई पैरालंपिक समिति इन खेलों से जुड़ी क्षेत्रीय संस्था है। इन खेलों का पहला संस्करण 2010 में चीन के ग्वांगझोउ में आयोजित हुआ था। पैरा पावरलिफ्टिंग भी इनके कार्यक्रम में शामिल है, जिसमें पदक स्पर्धाएं लिंग और शरीर के वजन वर्गों के अनुसार आयोजित की जाती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पैरा पावरलिफ्टिंग की प्रतियोगिता में बेंच प्रेस मुख्य लिफ्ट है।
- पहले एशियाई पैरा खेल 2010 में चीन के ग्वांगझोउ में हुए थे।
- पावरलिफ्टिंग में खिलाड़ी का सर्वश्रेष्ठ सफल प्रयास अंतिम परिणाम तय करता है।
- अशोक मलिक ने 2026 एशियाई पैरा खेलों में भारत का पहला पावरलिफ्टिंग पदक जीता।
मलिक का रजत पदक पिछले संस्करण के कांस्य से आगे बढ़ा हुआ प्रदर्शन है और नागोया में भारत की पदक तालिका में पैरा पावरलिफ्टिंग की शुरुआत भी करता है।