एनएसई पर पहला घरेलू गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, ऊर्जा बाजार को मिलेगा नया बेंचमार्क

एनएसई पर पहला घरेलू गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट, ऊर्जा बाजार को मिलेगा नया बेंचमार्क

भारत में प्राकृतिक गैस के लिए पहला घरेलू बेंचमार्क-आधारित फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 27 जुलाई 2026 से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर शुरू होगा। यह कदम घरेलू ऊर्जा बाजार में कीमतों को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। इस कॉन्ट्रैक्ट को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी मिल चुकी है और यह NATGASIND टिकर के तहत ट्रेड होगा।

क्या है यह नया गैस फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट

फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट एक ऐसा डेरिवेटिव होता है, जिसकी कीमत किसी आधारभूत संपत्ति या सूचकांक से जुड़ी रहती है। इस मामले में कॉन्ट्रैक्ट की कीमत भारतीय गैस एक्सचेंज (IGX) के गुजरात के दहेज हब के दामों से जुड़ी होगी। इसे भारतीय रुपये में प्रति mmBtu के हिसाब से उद्धृत किया जाएगा। यह व्यवस्था इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अब तक गैस कीमतों के लिए घरेलू स्तर पर एक मानक, एक्सचेंज-आधारित संदर्भ सीमित था। नया कॉन्ट्रैक्ट बाजार प्रतिभागियों को एक स्थानीय और अधिक प्रासंगिक मूल्य संकेत देगा।

कैसे होगा ट्रेड और सेटलमेंट

यह कॉन्ट्रैक्ट कैश-सेटल्ड होगा, यानी अवधि पूरी होने पर प्राकृतिक गैस की भौतिक डिलीवरी नहीं होगी। इसके बजाय, लाभ-हानि का निपटान नकद में किया जाएगा। ट्रेडिंग यूनिट 250 mmBtu तय की गई है, जो गैस बाजार के लिए एक मानक मात्रा है। क्लियरिंग, सेटलमेंट, दैनिक मार्क-टू-मार्केट समायोजन और शुरुआती मार्जिन की व्यवस्था एनएसई क्लियरिंग संभालेगा। इससे अनुबंध की पारदर्शिता और जोखिम प्रबंधन दोनों मजबूत होंगे।

फाइनल सेटलमेंट कैसे तय होगा

कॉन्ट्रैक्ट का अंतिम सेटलमेंट मूल्य IGX हब पर कॉन्ट्रैक्ट अवधि के दौरान गैस की मासिक वेटेड एवरेज कीमत के आधार पर तय किया जाएगा। यानी पूरे महीने के लेनदेन का औसत मूल्य अंतिम निपटान में अहम भूमिका निभाएगा। सरकार द्वारा तय की गई अधिकतम मूल्य सीमा पर हुए सौदों को सेटलमेंट गणना से बाहर रखा जाएगा। यह प्रावधान मूल्य निर्धारण को अधिक सटीक और नियम-संगत बनाने के लिए रखा गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सेबी भारत में प्रतिभूति बाजार का नियामक है और एक्सचेंज-ट्रेडेड डेरिवेटिव उत्पादों को मंजूरी देती है।
  • एनएसई भारत के प्रमुख मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों में से एक है, जहां इक्विटी, डेट और डेरिवेटिव ट्रेडिंग होती है।
  • mmBtu का अर्थ million British thermal units है और यह गैस बाजार में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली इकाई है।
  • कैश सेटलमेंट में अनुबंध की समाप्ति पर वस्तु की डिलीवरी नहीं होती, बल्कि नकद में निपटान किया जाता है।

बाजार के लिए इसका महत्व

यह कॉन्ट्रैक्ट घरेलू प्राकृतिक गैस उत्पादकों, उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए उपयोगी हो सकता है। इससे उन्हें एक ऐसा एक्सचेंज-ट्रेडेड साधन मिलेगा जो स्थानीय कीमतों से सीधे जुड़ा होगा। ऊर्जा बाजार में ऐसे उपकरण जोखिम प्रबंधन, मूल्य खोज और अनुबंध आधारित व्यापार को अधिक व्यवस्थित बनाते हैं। भारत में गैस खपत बढ़ने के साथ ऐसे वित्तीय उत्पादों की भूमिका भी बढ़ सकती है। घरेलू बेंचमार्क पर आधारित यह पहल ऊर्जा बाजार को अधिक परिपक्व और संस्थागत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Originally written on July 25, 2026 and last modified on July 25, 2026.

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