एडीएमएम-प्लस बैठक में भारत की भागीदारी का क्षेत्रीय महत्व

एडीएमएम-प्लस बैठक में भारत की भागीदारी का क्षेत्रीय महत्व

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 28 और 29 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के लापु-लापु शहर में होने वाली 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। फिलीपींस इस वर्ष बैठक की अध्यक्षता कर रहा है। इसका विषय है—“साथ मिलकर भविष्य की चुनौतियों का सामना”।

एडीएमएम-प्लस क्या है?

आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम) दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों का मंच है। एडीएमएम-प्लस में आसियान के 11 सदस्य देशों के साथ आठ संवाद साझेदार शामिल होते हैं। इनमें भारत, ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, न्यूजीलैंड, दक्षिण कोरिया, रूस और अमेरिका हैं। यह व्यवस्था रक्षा और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर संवाद तथा व्यावहारिक सहयोग का अवसर देती है।

इस मंच के सहयोग क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी प्रयास, समुद्री सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत, शांति स्थापना अभियान, सैन्य चिकित्सा, मानवीय बारूदी सुरंग कार्रवाई तथा साइबर सुरक्षा शामिल हैं। इन विषयों पर मिलकर काम करना क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है।

बैठक में भारत का एजेंडा

राजनाथ सिंह “क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान” विषय पर बैठक को संबोधित करेंगे। वह भाग लेने वाले देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें भी कर सकते हैं। इन बैठकों में रक्षा संबंधों की समीक्षा और उन्हें मजबूत करने पर चर्चा अपेक्षित है।

भारत और मलेशिया 2024–2027 के कार्यकाल के लिए एडीएमएम-प्लस के आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्यसमूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। इससे आतंकवाद से मुकाबले में भारत की इस मंच पर सक्रिय भूमिका स्पष्ट होती है। बैठक में भारत की भागीदारी उसकी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति के अनुरूप भी है, जिसका उद्देश्य दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ संबंधों और सहभागिता को गहरा करना है।

क्षेत्रीय सहयोग के लिए मंच का महत्व

एडीएमएम-प्लस केवल रक्षा मंत्रियों के बीच चर्चा का मंच नहीं है; इसके कार्यक्षेत्र में आपदा राहत से लेकर समुद्री और साइबर सुरक्षा तक के व्यावहारिक सहयोग शामिल हैं। फिलीपींस की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक सदस्य देशों और संवाद साझेदारों को साझा सुरक्षा प्राथमिकताओं पर विचार करने का अवसर देगी। भारत के लिए यह क्षेत्रीय रक्षा संवाद में अपनी भागीदारी जारी रखने और साझेदार देशों के साथ संपर्क मजबूत करने का माध्यम है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एडीएमएम-प्लस में आसियान के 11 सदस्य देश और आठ संवाद साझेदार शामिल हैं।
  • भारत एडीएमएम-प्लस के आठ संवाद साझेदारों में से एक है।
  • भारत और मलेशिया 2024–2027 के लिए आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्यसमूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं।
  • 13वीं एडीएमएम-प्लस बैठक 28–29 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस के लापु-लापु शहर में निर्धारित है।

बैठक में भारत की भागीदारी दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ रक्षा संवाद को आगे बढ़ाने और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग में योगदान देने का अवसर है।

Originally written on October 27, 2026 and last modified on October 27, 2026.

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