सशस्त्र बलों के लिए स्वदेशी एआई ढांचे की तैयारी
रक्षा मंत्रालय के अधीन एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय (एचक्यू आईडीएस) और भारतीय कंपनी सर्वम ने 27 अक्टूबर 2026 को पांच वर्ष का समझौता ज्ञापन किया। इसके तहत भारतीय थल सेना, नौसेना, वायु सेना और एचक्यू आईडीएस से जुड़े संयुक्त संगठनों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परियोजनाओं का साझा ढांचा तैयार किया जाएगा।
तीनों सेनाओं के लिए साझा एआई संसाधन
समझौते के अनुसार, सर्वम सैन्य जरूरतों के अनुरूप एआई अनुप्रयोगों की रूपरेखा बनाएगी, उनका विकास और तैनाती करेगी तथा तकनीकी सहायता भी देगी। इन अनुप्रयोगों का उपयोग संचालन, प्रशिक्षण और निर्णय लेने में सहयोग के लिए किया जा सकता है। एचक्यू आईडीएस विभिन्न सेनाओं और भागीदार संयुक्त संगठनों में परियोजनाओं के समन्वय में मदद करेगा।
समझौते के दायरे में साझा आधारभूत एआई मॉडल, एजेंटिक ढांचा तथा भू-स्थानिक और दृश्य-ग्रहण प्रणालियां शामिल हैं। आधारभूत मॉडल व्यापक डेटा पर प्रशिक्षित होते हैं और उन्हें अलग-अलग कार्यों के लिए अनुकूलित किया जा सकता है। एजेंटिक ढांचा एआई प्रणालियों को कई चरणों में कार्य करने में सक्षम बनाता है। भू-स्थानिक प्रणालियां स्थान से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण करती हैं, जबकि दृश्य-ग्रहण प्रणालियां चित्रों और अन्य सेंसर संकेतों को समझने में मदद करती हैं।
लक्ष्य पहचान में एआई, लेकिन निगरानी मनुष्यों की
प्रस्तावित कार्यक्षेत्र में निर्णय-सहायता, लक्ष्य का पता लगाना और सेंसर से हथियार तक की प्रक्रिया में अलग-अलग स्रोतों से आए डेटा का संयोजन शामिल है। लक्ष्य पहचान का अर्थ संभावित लक्ष्य का पता लगाना और उसकी पहचान करना है। डेटा संयोजन से कई सेंसरों और स्रोतों की सूचनाओं को मिलाकर स्थिति का अधिक समेकित आकलन किया जा सकता है।
इस व्यवस्था में संचालन संबंधी निर्णयों पर मानवीय निगरानी बनी रहेगी। साझा प्रणालियों से एक सेना की परियोजनाओं से मिले अनुभव और सीख दूसरी सेनाओं के काम में भी उपयोगी हो सकते हैं। हालांकि, समझौते में किसी विशेष प्रणाली या अलग-अलग परियोजनाओं की समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया गया है।
स्वदेशी ढांचे पर तैनाती की योजना
इस सहयोग का उद्देश्य भारतीय भागीदारों के साथ सशस्त्र बलों के लिए एआई परत विकसित करना और उसे संप्रभु बुनियादी ढांचे पर तैनात करना है। संप्रभु बुनियादी ढांचे से आशय ऐसे ढांचे से है जो राष्ट्रीय अधिकार-क्षेत्र में नियंत्रित और संचालित हो। सर्वम का राष्ट्रीय सुरक्षा एवं रक्षा प्रभाग ‘चाणक्य’ इस काम को कंपनी के एआई तंत्र और उसके ‘सर्वम 105बी’ आधारभूत मॉडल के साथ आगे बढ़ाएगा। यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के सरकारी लक्ष्य से जुड़ी है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय सशस्त्र बलों में थल सेना, नौसेना और वायु सेना शामिल हैं।
- एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय संयुक्त और त्रि-सेवा संगठनों के लिए समन्वित ढांचा उपलब्ध कराता है।
- डेटा संयोजन में कई स्रोतों से मिली सूचनाओं को मिलाकर समेकित आकलन तैयार किया जाता है।
- यह समझौता पांच वर्ष के लिए है और संचालन संबंधी फैसलों पर मानवीय निगरानी बनाए रखने की बात करता है।
साझा एआई संसाधनों और स्वदेशी तैनाती का यह ढांचा तीनों सेनाओं के बीच तकनीकी सहयोग को बढ़ा सकता है, जबकि अंतिम संचालन संबंधी निर्णयों में मानव भूमिका बरकरार रहेगी।