एआई डेटा केंद्रों के लिए टाटा कम्युनिकेशंस का बड़ा नेटवर्क निवेश
टाटा कम्युनिकेशंस ने भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़े डेटा केंद्रों को तेज कनेक्टिविटी देने के लिए लगभग 450 मिलियन डॉलर यानी करीब 4,350 करोड़ रुपये के निवेश की योजना घोषित की है। 26 अक्टूबर 2026 को घोषित इस परियोजना के तहत देशभर में लगभग 10,000 किलोमीटर नई दूरगामी फाइबर केबल बिछाई जाएगी।
डेटा केंद्रों को जोड़ने वाला नेटवर्क
यह नेटवर्क डेटा केंद्रों को क्लाउड सेवा कंपनियों, वैश्विक क्षमता केंद्रों और बैंकों जैसे संगठनों से जोड़ने के लिए तैयार किया जाएगा। डेटा केंद्रों में कंप्यूटिंग और भंडारण प्रणालियां होती हैं, जबकि फाइबर-ऑप्टिक केबल कांच या प्लास्टिक के रेशों के जरिए प्रकाश संकेतों के रूप में जानकारी पहुंचाती हैं। दूरगामी फाइबर नेटवर्क अलग-अलग शहरों और सुविधाओं के बीच तेज संचार संभव बनाते हैं।
कंपनी इस पहल को ‘एआई सुपर हाईवे’ के रूप में विकसित करने और अपने मौजूदा वैश्विक नेटवर्क ढांचे से जोड़ने की योजना बना रही है। परियोजना का वित्तपोषण कंपनी अपने परिचालन से मिलने वाली नकदी से करेगी।
तीन चरणों में विस्तार और क्षमता
पहले चरण में मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई को जोड़ने की योजना है। आगे के चरणों में पूर्वी तट और पश्चिम भारत के डेटा केंद्र क्षेत्रों तक नेटवर्क बढ़ाया जाएगा। प्रस्तावित स्थानों में विशाखापत्तनम, भुवनेश्वर, जामनगर और गुजरात का गिफ्ट सिटी शामिल हैं।
इस विस्तार से कंपनी के नेटवर्क में लगभग 6 पेटाबिट प्रति सेकंड की अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की योजना है। एक पेटाबिट प्रति सेकंड, 1,000 टेराबिट प्रति सेकंड के बराबर होता है। टाटा कम्युनिकेशंस का भारत में मौजूदा नेटवर्क लगभग 1.25 पेटाबिट प्रति सेकंड डेटा क्षमता संभालता है। नई क्षमता को वित्त वर्ष 2030 से 2036 के बीच शामिल करने की योजना है।
डिजिटल बुनियादी ढांचे के लिए महत्व
एआई सेवाओं और डेटा केंद्रों के विस्तार के साथ तेज तथा अधिक क्षमता वाले नेटवर्क की जरूरत बढ़ रही है। ऐसे नेटवर्क से डेटा केंद्रों और उनके ग्राहकों के बीच सूचना का आदान-प्रदान सुगम हो सकता है। कंपनी का अनुमान है कि भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार से इस पहल के लिए एक अरब डॉलर से अधिक के बाजार अवसर बन सकते हैं। यह कंपनी का अनुमान है, सुनिश्चित आय का दावा नहीं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- टाटा कम्युनिकेशंस की योजना में लगभग 10,000 किलोमीटर नई दूरगामी फाइबर केबल शामिल है।
- पहला प्रस्तावित नेटवर्क मार्ग मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई को जोड़ेगा।
- गिफ्ट सिटी गुजरात में स्थित है; इसका पूरा नाम गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी है।
- परियोजना का प्रस्तावित निवेश लगभग 450 मिलियन डॉलर है और इसका वित्तपोषण परिचालन से मिलने वाली नकदी से किया जाएगा।
यह निवेश भारत के डेटा केंद्रों और एआई सेवाओं के लिए आवश्यक कनेक्टिविटी क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण व्यावसायिक पहल है।