केरल की सहकारी एयरलाइन योजना से सस्ती हवाई यात्रा की उम्मीद

केरल की सहकारी एयरलाइन योजना से सस्ती हवाई यात्रा की उम्मीद

केरल में सहकारी क्षेत्र की पहली एयरलाइन शुरू करने की योजना को राज्य सरकार की मंजूरी मिली है। केरल सिविल एविएशन डेवलपमेंट कोऑपरेटिव सोसाइटी की प्रस्तावित विमान सेवा का नाम ‘को-केरलम’ रखा गया है। इसकी शुरुआत कोच्चि से करने और केरल के साथ कर्नाटक तथा तमिलनाडु के शहरों को जोड़ने की योजना है। हालांकि, अभी उड़ान सेवाएं शुरू नहीं हुई हैं।

कोच्चि से शुरू हो सकता है संचालन

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 26 अक्टूबर 2026 को परियोजना को मंजूरी दिए जाने की घोषणा की। योजना के तहत शुरुआत में दो विमान पट्टे पर लिए जाएंगे। प्रत्येक विमान में 72 सीटें होंगी। प्रस्तावित मार्गों में कोच्चि से कोझिकोड और कन्नूर के अलावा बेंगलुरु, मंगलुरु, चेन्नई, कोयंबटूर तथा मदुरै के लिए उड़ानें शामिल हैं।

परियोजना में टिकटों का संभावित किराया 3,500 से 7,000 रुपये के बीच रखने की बात कही गई है। इसका घोषित उद्देश्य घरेलू हवाई यात्रा को अपेक्षाकृत तेज और किफायती बनाना है। ये मार्ग, विमान और किराये फिलहाल योजना का हिस्सा हैं; इन्हें शुरू हुई सेवा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। परियोजना का नेतृत्व एमवीआर कैंसर सेंटर एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष सी.एन. विजयकृष्णन कर रहे हैं।

सहकारी संस्थाओं से जुटेगी पूंजी

को-केरलम के लिए प्रस्तावित वित्तीय मॉडल में करीब 200 सहकारी संस्थाओं से निवेश जुटाने की योजना है। प्रत्येक संस्था से दो करोड़ रुपये के योगदान का अनुमान है, जिससे कुल प्रस्तावित राशि लगभग 400 करोड़ रुपये बैठती है। परियोजना कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की वित्तपोषण पद्धति से प्रेरित बताई गई है और इसके लिए राज्य सरकार से वित्तीय सहायता लेने की योजना नहीं है।

सितंबर 2026 में परियोजना को शेयर जुटाने की प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति मिली थी और केरल बैंक में योगदान के लिए अलग खाता खोला गया। सहकारी संस्था में सदस्य साझा आर्थिक या सामाजिक उद्देश्य के लिए पूंजी लगाते हैं और लागू सहकारी कानूनों के अनुसार उसके संचालन में भाग लेते हैं। इस मॉडल में एयरलाइन की पूंजी कई सहकारी संस्थाओं के योगदान से जुटाने का प्रस्ताव है।

नियामकीय मंजूरी और परियोजना की स्थिति

परियोजना से जुड़ा शुरुआती कार्य 30 जून 2026 तक पूरा होने की सूचना दी गई थी। एयरलाइन के साथ विमानन संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव भी है। भारत में वाणिज्यिक विमान सेवाओं को लागू विमानन नियमों का पालन करना होता है और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) इसकी निगरानी करता है। इसलिए प्रस्तावित उड़ानों के संचालन से पहले जरूरी नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी करना अहम होगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • को-केरलम को शुरू करने का प्रस्ताव केरल सिविल एविएशन डेवलपमेंट कोऑपरेटिव सोसाइटी ने रखा है।
  • प्रस्तावित शुरुआती बेड़े में 72 सीटों वाले दो पट्टे के विमान शामिल हैं।
  • वित्तपोषण योजना में करीब 200 सहकारी संस्थाओं से दो-दो करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है।
  • भारत में नागरिक उड्डयन क्षेत्र का नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) है।

यदि योजना तय रूप में आगे बढ़ती है, तो यह सहकारी पूंजी के जरिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने का एक नया प्रयास होगा। इसकी वास्तविक शुरुआत नियामकीय मंजूरियों और वित्त जुटाने की प्रगति पर निर्भर करेगी।

Originally written on October 26, 2026 and last modified on October 26, 2026.

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