उत्तर प्रदेश के 11 विद्यालयों को स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025-26 में राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान
देशभर में विद्यालयों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26 में उत्तर प्रदेश के 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय स्तर पर स्थान प्राप्त किया है। 17 जून 2026 को घोषित इस रेटिंग में भारत के कुल 191 विद्यालयों को शामिल किया गया। यह मूल्यांकन केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा किया गया।
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग क्या है?
स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग एक व्यापक मूल्यांकन प्रणाली है, जिसका उद्देश्य विद्यालयों में स्वच्छता, पर्यावरणीय स्थिरता और संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना है। इस रेटिंग के तहत विद्यालयों का आकलन स्वच्छ शौचालयों, जल संरक्षण, कचरा प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, हरित परिसर विकास तथा सामुदायिक भागीदारी जैसे विभिन्न मानकों पर किया जाता है। यह पहल छात्रों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करने और विद्यालयों को टिकाऊ विकास की दिशा में प्रेरित करने का कार्य करती है।
राष्ट्रीय सूची में उत्तर प्रदेश के विद्यालयों का प्रदर्शन
राष्ट्रीय सूची में चयनित उत्तर प्रदेश के 11 विद्यालयों में छह सरकारी विद्यालय, दो कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, दो अन्य श्रेणी के विद्यालय तथा एक निजी विद्यालय शामिल हैं। मेरठ स्थित दयावती मोदी अकादमी-1 ने राष्ट्रीय स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया। वहीं श्रावस्ती के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, हरिहरपुर रानी को नौवां स्थान मिला। संभल के पीएम श्री प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी ने बारहवां स्थान हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया। इन विद्यालयों की उपलब्धि यह दर्शाती है कि राज्य में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास से जुड़े प्रयास प्रभावी रूप से लागू किए जा रहे हैं। विद्यालयों द्वारा अपनाई गई अभिनव और पर्यावरण-अनुकूल गतिविधियों ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
सम्मान और वित्तीय सहायता
राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रत्येक विद्यालय को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही प्रत्येक विद्यालय को 21 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। यह राशि विद्यालयों में स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग से संबंधित गतिविधियों के रखरखाव और विस्तार के लिए उपयोग की जाएगी। इससे विद्यालयों को अपनी पर्यावरणीय पहलों को और मजबूत करने में सहायता मिलेगी।
राज्य स्तर पर भी मिलेगा सम्मान
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के शीर्ष 20 विद्यालयों को भी सम्मानित करने का निर्णय लिया है। यह सम्मान उन विद्यालयों को दिया जाएगा जिन्होंने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। इस पहल से अन्य विद्यालयों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग विद्यालयों में स्वच्छता और पर्यावरणीय प्रबंधन के मूल्यांकन से संबंधित राष्ट्रीय पहल है।
- कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भारत में बालिकाओं के लिए संचालित आवासीय विद्यालय हैं।
- स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- पीएम श्री का पूर्ण रूप “प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया” है, जिसका उद्देश्य विद्यालयों को आधुनिक और उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बनाना है।
उत्तर प्रदेश के 11 विद्यालयों का राष्ट्रीय सूची में चयन राज्य की शिक्षा व्यवस्था में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह उपलब्धि न केवल संबंधित विद्यालयों के लिए गौरव का विषय है, बल्कि अन्य शिक्षण संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है। आने वाले वर्षों में ऐसी पहलें विद्यालयों को अधिक स्वच्छ, हरित और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।