आईसीजीएस अजीत से तटीय सुरक्षा को नई मजबूती

आईसीजीएस अजीत से तटीय सुरक्षा को नई मजबूती

भारतीय तटरक्षक बल को 25 अगस्त 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल आईसीजीएस अजीत मिल गया। यह एडम्य-श्रेणी का सातवां पोत है और इसमें 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। समुद्री निगरानी, तटीय गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया जैसे कार्यों के लिए ऐसे पोत भारतीय तटरक्षक की क्षमता को और मजबूत करते हैं।

आईसीजीएस अजीत की प्रमुख विशेषताएं

आईसीजीएस अजीत की लंबाई 51.43 मीटर है और डिलीवरी विनिर्देश के अनुसार इसका विस्थापन 330 टन है। इसमें ट्विन मरीन डीजल इंजन और कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर लगाए गए हैं, जो इस श्रेणी के भारतीय फास्ट पेट्रोल वेसल में अपनी तरह की पहली डिजाइन विशेषता मानी जा रही है। यह पोत 27 नॉट्स से अधिक गति हासिल कर सकता है और इसकी परिचालन क्षमता 1,500 समुद्री मील तक है।

इस पोत को छह अधिकारियों और 35 नाविकों के दल के लिए तैयार किया गया है। तेज गति और कम समय में तैनाती की क्षमता इसे तटीय इलाकों और समुद्री सीमाओं पर प्रभावी बनाती है।

तटरक्षक बल के लिए क्यों अहम है यह पोत

फास्ट पेट्रोल वेसल छोटे, तेज और फुर्तीले समुद्री प्लेटफॉर्म होते हैं, जिनका उपयोग गश्त, रोकथाम, निगरानी और त्वरित हस्तक्षेप के लिए किया जाता है। भारतीय तटरक्षक बल इनका इस्तेमाल विशेष रूप से तटरेखा के पास होने वाले अभियानों में करता है, जहां गति और प्रतिक्रिया समय सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।

आईसीजीएस अजीत का उपयोग विशेष आर्थिक क्षेत्र की निगरानी, मत्स्य संरक्षण, तटीय गश्त, खोज एवं बचाव, तथा तस्करी और समुद्री डकैती विरोधी अभियानों में किया जाएगा। इससे समुद्री कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।

निर्माण, लॉन्च और रणनीतिक संदर्भ

आईसीजीएस अजीत को 24 अक्टूबर 2025 को गोवा के वास्को द गामा में एक संयुक्त लॉन्च समारोह के दौरान अपनी सहायक पोत आईसीजीएस अपराजित के साथ लॉन्च किया गया था। इसके बाद 25 अगस्त 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड में फर्स्ट रीडिंग सेरेमनी के बाद इसे औपचारिक रूप से सौंपा गया।

गोवा शिपयार्ड लिमिटेड भारत का एक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है, जो स्वदेशी जहाज निर्माण क्षमता को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारतीय तटरक्षक बल रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और देश की समुद्री सीमाओं, बंदरगाहों तथा अपतटीय क्षेत्रों की सुरक्षा में अहम जिम्मेदारी निभाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आईसीजीएस अजीत, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित एडम्य-श्रेणी का सातवां फास्ट पेट्रोल वेसल है।
  • इस पोत में 65 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है।
  • कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर ब्लेड के कोण को इंजन की गति बदले बिना समायोजित करने की सुविधा देते हैं।
  • विशेष आर्थिक क्षेत्र की निगरानी समुद्री सुरक्षा और संसाधन संरक्षण का एक महत्वपूर्ण कार्य है।

आईसीजीएस अजीत का शामिल होना भारतीय तटरक्षक की तटीय निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया और समुद्री कानून प्रवर्तन क्षमता को और मजबूत करता है। स्वदेशी निर्माण और आधुनिक प्रणोदन तकनीक के साथ यह पोत भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण जोड़ है।

Originally written on August 27, 2026 and last modified on August 27, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *