आईएनएस सह्याद्रि का बुसान पहुंचना भारत-दक्षिण कोरिया नौसैनिक सहयोग को देगा बल
भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि 26 अक्टूबर 2026 को दक्षिण कोरिया के बुसान नौसैनिक बंदरगाह पहुंचा। यहां भारत और दक्षिण कोरिया की नौसेनाओं के द्विपक्षीय अभ्यास का दूसरा संस्करण आयोजित हो रहा है। इसमें बंदरगाह पर पेशेवर गतिविधियों के साथ समुद्र में समन्वित नौसैनिक गतिविधियां भी शामिल हैं।
शिवालिक श्रेणी का बहुउद्देशीय युद्धपोत
आईएनएस सह्याद्रि भारतीय नौसेना का शिवालिक श्रेणी का निर्देशित मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है। इस श्रेणी के बहुउद्देशीय फ्रिगेट मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में बनाए गए हैं। सह्याद्रि को वर्ष 2012 में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था।
फ्रिगेट एक ऐसा सतही युद्धपोत है, जिसे मिसाइल प्रणालियों के साथ काम करने के लिए तैयार किया जाता है। भारतीय नौसेना इनका उपयोग समुद्री निगरानी और नौसैनिक बलों की सुरक्षा सहित विभिन्न अभियानों में करती है। बुसान में सह्याद्रि की मौजूदगी इसी द्विपक्षीय अभ्यास में भारत की भागीदारी का हिस्सा है।
बंदरगाह से समुद्र तक अभ्यास
अभ्यास का बंदरगाह चरण बुसान में हो रहा है। इसमें दोनों नौसेनाओं के कर्मियों के बीच पेशेवर बातचीत, एक-दूसरे के जहाजों का भ्रमण, संयुक्त प्रशिक्षण गतिविधियां और खेल शामिल हैं। जहाजों के पारस्परिक भ्रमण के दौरान एक नौसेना के कर्मियों को दूसरी नौसेना के पोत को देखने और उसकी कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलता है। आईएनएस सह्याद्रि के कमांडिंग अधिकारी की दक्षिण कोरियाई नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात भी निर्धारित है।
बंदरगाह चरण के बाद समुद्र में समन्वित गतिविधियां होंगी। इनमें भारतीय नौसेना का आईएनएस सह्याद्रि और दक्षिण कोरिया का आरओकेएस मुनमु द ग्रेट हिस्सा लेंगे। अभ्यास का घोषित उद्देश्य समुद्री सहयोग को मजबूत करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में दोनों नौसेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना है।
द्विपक्षीय अभ्यास की निरंतरता
2026 का आयोजन भारत-दक्षिण कोरिया नौसेना द्विपक्षीय अभ्यास का दूसरा संस्करण है। इसका पहला संस्करण अक्टूबर 2025 में बुसान में हुआ था और उसमें भी आईएनएस सह्याद्रि शामिल था। लगातार हो रहे ये अभ्यास दोनों देशों की नौसेनाओं को आपसी प्रक्रियाओं और समुद्र में समन्वय का अनुभव साझा करने का अवसर देते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईएनएस सह्याद्रि भारतीय नौसेना की शिवालिक श्रेणी का फ्रिगेट है।
- आईएनएस सह्याद्रि को वर्ष 2012 में नौसेना में शामिल किया गया था।
- भारत-दक्षिण कोरिया नौसेना अभ्यास का पहला संस्करण अक्टूबर 2025 में बुसान में हुआ था।
- 2026 के समुद्री चरण में आईएनएस सह्याद्रि और आरओकेएस मुनमु द ग्रेट भाग ले रहे हैं।
बंदरगाह और समुद्र—दोनों चरणों वाला यह अभ्यास भारत तथा दक्षिण कोरिया के बीच नौसैनिक संपर्क और हिंद-प्रशांत में सहयोग को आगे बढ़ाने का माध्यम है।