आईआईटी मद्रास–यूनेस्को साझेदारी से एआई आधारित शिक्षा को नई दिशा

आईआईटी मद्रास–यूनेस्को साझेदारी से एआई आधारित शिक्षा को नई दिशा

आईआईटी मद्रास और यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट (यूनेस्को एमजीआईईपी) ने 1 सितंबर 2026 को एक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य अगली पीढ़ी के एआई और इमर्सिव लर्निंग टूल्स विकसित करना है, जो स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में अधिक व्यक्तिगत, इंटरैक्टिव और छात्र-केंद्रित पढ़ाई को बढ़ावा दे सकें।

शिक्षा में एआई और इमर्सिव तकनीक का मेल

इस सहयोग की खास बात यह है कि इसमें यूनेस्को एमजीआईईपी के सोशल एंड इमोशनल लर्निंग (SEL) के अनुभव को आईआईटी मद्रास की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) और गेम डिजाइन की विशेषज्ञता के साथ जोड़ा गया है। लक्ष्य ऐसे ओपन-सोर्स डिजिटल लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जिन्हें कक्षा में आसानी से इस्तेमाल किया जा सके।

इन टूल्स को इस तरह विकसित करने की योजना है कि वे कम लागत वाले हों और कम इंटरनेट बैंडविड्थ वाले क्षेत्रों में भी काम कर सकें। इससे डिजिटल शिक्षा के दायरे को उन जगहों तक ले जाने में मदद मिल सकती है, जहां संसाधन सीमित हैं।

कक्षा, पाठ योजना और मूल्यांकन में उपयोग

यह साझेदारी केवल तकनीक विकसित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें शैक्षिक अनुसंधान और पेडागॉजी पर भी संयुक्त काम शामिल है। दोनों संस्थान लर्निंग साइंसेज, एजुकेशनल टेक्नोलॉजी और शिक्षण पद्धतियों पर मिलकर शोध करेंगे। साथ ही, फैकल्टी और शोधकर्ताओं के बीच आपसी आदान-प्रदान का भी प्रावधान है।

इन टूल्स से शिक्षकों को पाठ योजनाएं और मूल्यांकन तैयार करने में सहायक ढांचा मिल सकता है, जिसमें SEL से जुड़े तत्व भी शामिल होंगे। इसका उद्देश्य केवल विषय ज्ञान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की आत्म-जागरूकता, आत्म-नियंत्रण, सामाजिक समझ और जिम्मेदार निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत करना है।

संस्थानों की भूमिका और व्यापक महत्व

यूनेस्को एमजीआईईपी भारत में स्थित एक यूनेस्को कैटेगरी-1 संस्थान है, जो शांति और सतत विकास के लिए शिक्षा पर काम करता है। दूसरी ओर, आईआईटी मद्रास 1959 में स्थापित एक इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पॉर्टेंस है और यह संस्थान प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और नवाचार के लिए जाना जाता है।

आईआईटी मद्रास का एक्सपीरिएंशियल टेक्नोलॉजी इनोवेशन सेंटर (XTIC) इमर्सिव टेक्नोलॉजी और ह्यूमन-कंप्यूटर इंटरैक्शन पर काम करता है। ऐसे में यह साझेदारी शिक्षा में एआई, XR और गेम-आधारित सीखने के उपयोग को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सोशल एंड इमोशनल लर्निंग (SEL) में आत्म-जागरूकता, आत्म-प्रबंधन, सामाजिक जागरूकता, संबंध कौशल और जिम्मेदार निर्णय लेना शामिल है।
  • एक्सटेंडेड रियलिटी (XR) एक व्यापक शब्द है, जिसमें वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी और मिक्स्ड रियलिटी शामिल होती हैं।
  • यूनेस्को की स्थापना 1945 में हुई थी और इसका पूरा नाम United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization है।
  • संयुक्त राष्ट्र का सतत विकास लक्ष्य 4 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ा है, जबकि लक्ष्य 4.7 शिक्षा के माध्यम से सतत विकास और वैश्विक नागरिकता पर केंद्रित है।

कुल मिलाकर यह साझेदारी शिक्षा को अधिक समावेशी, तकनीक-सक्षम और कौशल-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। खासकर ऐसे समय में जब डिजिटल लर्निंग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, कम लागत और खुले स्रोत वाले समाधान शिक्षा व्यवस्था के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।

Originally written on September 2, 2026 and last modified on September 2, 2026.

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