अलाबोई रण स्मृति दिवस ने फिर याद दिलाया अहोम वीरों का बलिदान

अलाबोई रण स्मृति दिवस ने फिर याद दिलाया अहोम वीरों का बलिदान

अमीनगांव, कामरूप में 5 अगस्त 2026 को अलाबोई रण स्मृति दिवस मनाया गया। यह आयोजन 1669 की अलाबोई की लड़ाई में शहीद हुए अहोम योद्धाओं की 357वीं शहादत वर्षगांठ के रूप में किया गया। असम के इतिहास में यह युद्ध अहोम साम्राज्य के साहस, संघर्ष और क्षेत्रीय विरासत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अध्याय माना जाता है।

अलाबोई की लड़ाई और उसका ऐतिहासिक महत्व

अलाबोई की लड़ाई 5 अगस्त 1669 को लड़ी गई थी। यह घटना मध्यकालीन असम के राजनीतिक इतिहास से जुड़ी है, जब अहोम साम्राज्य राज्य के बड़े हिस्सों पर शासन कर रहा था। इस युद्ध में जान गंवाने वाले अहोम सैनिकों की स्मृति को आज भी असम में सार्वजनिक कार्यक्रमों और स्मारकों के माध्यम से जीवित रखा जाता है। अहोम शासन ने कई शताब्दियों तक असम की राजनीति, समाज और संस्कृति पर गहरा प्रभाव डाला। इसी कारण अलाबोई जैसे युद्ध केवल सैन्य घटनाएँ नहीं, बल्कि क्षेत्रीय अस्मिता और ऐतिहासिक स्मृति के प्रतीक भी बन गए हैं।

अमीनगांव में श्रद्धांजलि कार्यक्रम

कामरूप के अमीनगांव में आयोजित कार्यक्रम में अलाबोई रण स्मृति सौध पर पुष्पांजलि अर्पित की गई और दीप प्रज्वलन किया गया। यह स्मारक कामरूप के जिला आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित है। कार्यक्रम का आयोजन असम के पुरातत्व निदेशालय, जनजातीय एवं स्वदेशी आस्था और संस्कृति विभाग, कामरूप जिला प्रशासन तथा सरायघाट जर्नलिस्ट्स फोरम ने मिलकर किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आयोजकों ने अहोम शहीदों के बलिदान को याद किया। हाजो-सुआलकुची के विधायक प्रकाश चंद्र दास ने अलाबोई के युद्ध और अहोम शहीदों के त्याग का उल्लेख किया, जबकि कमलपुर के विधायक दिगंत कलिता ने युवाओं को इस ऐतिहासिक प्रसंग और उसके संदर्भ से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इतिहास को सार्वजनिक स्मृति में बनाए रखने की पहल

असम में ऐसे स्मृति दिवस केवल औपचारिक आयोजन नहीं होते, बल्कि वे स्थानीय इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम भी बनते हैं। अलाबोई रण स्मृति दिवस के जरिए यह संदेश दिया गया कि क्षेत्रीय इतिहास, वीरता और बलिदान की कहानियाँ सार्वजनिक स्मारकों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और शैक्षिक पहलों के माध्यम से संरक्षित रहनी चाहिए।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अलाबोई की लड़ाई 5 अगस्त 1669 को असम में लड़ी गई थी।
  • 5 अगस्त 2026 को अमीनगांव, कामरूप में अलाबोई रण स्मृति दिवस मनाया गया।
  • यह आयोजन अहोम योद्धाओं की 357वीं शहादत वर्षगांठ के रूप में किया गया।
  • अलाबोई रण स्मृति सौध कामरूप के जिला आयुक्त कार्यालय के सामने स्थित है।

अलाबोई रण स्मृति दिवस ने एक बार फिर असम के ऐतिहासिक संघर्षों और अहोम विरासत की याद ताजा कर दी। ऐसे आयोजन क्षेत्रीय इतिहास को जीवित रखने और शहीदों के सम्मान को सार्वजनिक चेतना में बनाए रखने का काम करते हैं।

Originally written on August 6, 2026 and last modified on August 6, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *