हैदराबाद की आरएनए फाउंड्री से व्यक्तिगत कैंसर टीकों को बढ़ावा
हैदराबाद स्थित जैव-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप पॉपवैक्स ने 31 अक्टूबर 2026 को आरएनए फाउंड्री शुरू की। यह आरएनए आधारित दवाओं के अनुसंधान, विकास और निर्माण के लिए एकीकृत सुविधा है। इसका प्रमुख क्षेत्र व्यक्तिगत कैंसर टीकों का विकास है, जिन्हें मरीज के ट्यूमर में मौजूद विशिष्ट बदलावों के आधार पर तैयार किया जाता है।
अनुसंधान से निर्माण तक एकीकृत सुविधा
पॉपवैक्स की स्थापना 2021 में सोहम संकरण ने की थी। कंपनी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और आणविक जीवविज्ञान को जोड़ने वाले मंच का उपयोग करती है। नई फाउंड्री का उद्देश्य आरएनए दवाओं के विकास और निर्माण की प्रक्रियाओं को एक ही स्थान पर आगे बढ़ाना है। सुविधा को वैश्विक अच्छी विनिर्माण प्रथाओं यानी जीएमपी मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। पॉपवैक्स इस काम में व्यक्तिगत दवाओं पर विशेषज्ञता रखने वाली स्टोकेस्टिक साइंसेज के साथ सहयोग कर रही है।
ट्यूमर के अनुसार टीका बनाने की प्रक्रिया
व्यक्तिगत टीका तैयार करने के लिए मरीज के ट्यूमर के अनुक्रमण से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण किया जाता है। गहन अनुक्रमण से ट्यूमर के प्रोटीन-निर्माण वाले हिस्से में मौजूद बदलावों की पहचान की जा सकती है। इसके बाद संभावित नियोएंटीजन चुने जाते हैं—ये ऐसे लक्ष्य होते हैं जो कैंसर कोशिकाओं में बन सकते हैं और सामान्य कोशिकाओं से अलग होते हैं।
पॉपवैक्स का मैसेंजर आरएनए (एमआरएनए) और लिपिड नैनोकण (एलएनपी) मंच इन लक्ष्यों से जुड़ी आनुवंशिक जानकारी कोशिकाओं तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य प्रतिरक्षा तंत्र को कैंसर कोशिकाओं की पहचान करना और उन पर हमला करना सिखाना है। कंपनी के अनुसार, इस मंच की एक विशेषता यह है कि इसे फ्रिज में स्थिर रखा जा सकता है। हालांकि, किसी उम्मीदवार टीके की प्रभावशीलता और सुरक्षा का पता परीक्षणों से ही चलेगा।
उत्पादन लक्ष्य और नैदानिक स्थिति
कंपनी अगले 12 महीनों में व्यक्तिगत कैंसर टीकों के 100 से अधिक उम्मीदवार तैयार करने का लक्ष्य रखती है। पॉपवैक्स के अनुमान के अनुसार, एक परियोजना में आम तौर पर आठ से दस सप्ताह लगते हैं और इसकी लागत करीब तीन लाख अमेरिकी डॉलर हो सकती है। ये अभी प्रयोगात्मक उम्मीदवार हैं; इन्हें नियमित इलाज के लिए स्वीकृति प्राप्त नहीं है।
कैंसर टीकों के अलावा, पॉपवैक्स का कोविड-19 से व्यापक सुरक्षा के लिए बनाया गया पहला एमआरएनए टीका 31 अगस्त 2026 को ऑस्ट्रेलिया में पहले चरण के नैदानिक परीक्षण में पहुंचा। पहला चरण आम तौर पर किसी नए टीके की सुरक्षा और उसके उपयोग से जुड़ी शुरुआती जानकारी का आकलन करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नियोएंटीजन ट्यूमर में हुए बदलावों से जुड़े संभावित लक्ष्य हैं, जिन्हें व्यक्तिगत कैंसर टीकों के चयन में उपयोग किया जा सकता है।
- एमआरएनए कोशिका के भीतर प्रोटीन बनने के निर्देश देता है, इसलिए टीका विकास में इसका उपयोग किया जाता है।
- एमआरएनए कोशिका-द्रव्य में काम कर सकता है और इसे कार्य करने के लिए कोशिका के केंद्रक में जाना आवश्यक नहीं होता।
- एलएनपी में अम्लीय एंडोसोम के कारण आयनित होने वाले लिपिड आरएनए को कोशिका के भीतर मुक्त करने में मदद कर सकते हैं।
हैदराबाद की यह सुविधा व्यक्तिगत चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और निर्माण क्षमता बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इसकी वास्तविक चिकित्सकीय उपयोगिता का आकलन आने वाले परीक्षणों और नियामकीय समीक्षा के बाद ही किया जा सकेगा।