4K कैमरे में पहली बार कैद हुई दुर्लभ बैरलआई मछली

4K कैमरे में पहली बार कैद हुई दुर्लभ बैरलआई मछली

कैलिफोर्निया के मध्य तट से दूर समुद्र में वैज्ञानिकों ने बैरलआई मछली को पहली बार 4K गुणवत्ता वाले कैमरे में रिकॉर्ड किया है। अक्टूबर 2026 में मोंटेरे कैन्यन के पास लगभग 600 मीटर की गहराई पर हुई यह दुर्लभ मुलाकात गहरे समुद्र के जीवों के अध्ययन के लिए अहम है। इस मछली का वैज्ञानिक नाम मैक्रोपिन्ना माइक्रोस्टोमा है।

गहरे समुद्र में दुर्लभ मुलाकात

मोंटेरे बे एक्वेरियम रिसर्च इंस्टीट्यूट (एमबीएआरआई) के वैज्ञानिकों ने यह दृश्य अपने अनुसंधान पोत डेविड पैकार्ड से संचालित दूर-नियंत्रित जलयान डॉक रिकेट्स की मदद से रिकॉर्ड किया। जलयान सतह की ओर लौट रहा था, तभी अनुसंधान विशेषज्ञ शैनन जॉनसन की नजर बैरलआई पर पड़ी। टीम ने करीब 20 मिनट तक मछली का निरीक्षण किया और उसकी पारदर्शी सिर-ढाल को स्पष्ट रूप से दिखाने के लिए रोशनी में बदलाव किया।

यह एमबीएआरआई के लगभग 40 वर्षों के गहरे समुद्री अभियानों में बैरलआई मछली का 11वां सामना था। इस दौरान संस्था के दल करीब 7,000 दूर-नियंत्रित जलयान गोते लगा चुके हैं और 41,000 घंटे से अधिक की वीडियो सामग्री जुटा चुके हैं। यह डेविड पैकार्ड से दर्ज की गई इस प्रजाति की पहली झलक भी थी।

पारदर्शी सिर और घूमने वाली आंखें

बैरलआई की सबसे विशिष्ट पहचान उसके सिर के ऊपर मौजूद पारदर्शी गुंबद जैसी ढाल है। यह ढाल उसकी संवेदनशील आंखों को साइफोनोफोर नामक डंक मारने वाले समुद्री जीवों की कोशिकाओं से बचाती है। माना जाता है कि मछली भोजन हासिल करने के लिए इन जीवों के पास जाती है।

इसकी आंखें ऊपर की दिशा में देखने के साथ-साथ आगे की ओर भी घूम सकती हैं। भोजन करते समय मछली अपने शरीर को घुमाती है और आंखों की दिशा बदलती है। आंखों में मौजूद हरे रंग के वर्णक ऊपर से आने वाली सूर्य-रोशनी को छानने में मदद कर सकते हैं। इससे उसे ऊपर मौजूद जीवों की जैव-दीप्ति पहचानने में सहायता मिल सकती है।

पुराने चित्रों से अलग दिखी नई रिकॉर्डिंग

यह खोज ‘डाइविंग डीप फॉर डेलिकेट ड्रिफ्टर्स’ अभियान के दौरान हुई, जिसका मुख्य ध्यान जेली जैसे नाजुक समुद्री जीवों पर था। वरिष्ठ वैज्ञानिक स्टीवन हैडॉक के अनुसार, पुराने चित्रों में बैरलआई की पारदर्शी सिर-ढाल अक्सर दिखाई नहीं देती थी। इसका एक कारण यह था कि नमूने बाहर लाने के बाद इस नाजुक संरचना को सुरक्षित नहीं रख पाते थे। समुद्र में उच्च गुणवत्ता वाली रिकॉर्डिंग इस जीव को उसके प्राकृतिक वातावरण में समझने का अधिक विश्वसनीय अवसर देती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • बैरलआई मछली का वैज्ञानिक नाम मैक्रोपिन्ना माइक्रोस्टोमा है।
  • मोंटेरे कैन्यन कैलिफोर्निया के मध्य तट के पास स्थित एक गहरी समुद्री घाटी है।
  • जैव-दीप्ति वह प्रक्रिया है जिसमें जीव अपने शरीर से प्रकाश उत्पन्न करते हैं।
  • साइफोनोफोर समुद्री जीवों का ऐसा समूह है जिसके सदस्यों में डंक मारने वाली कोशिकाएं होती हैं।

यह रिकॉर्डिंग दिखाती है कि दूर-नियंत्रित जलयान और बेहतर कैमरा तकनीक गहरे समुद्र के उन जीवों की बनावट उजागर कर सकते हैं, जिन्हें सतह पर लाना कठिन है।

Originally written on November 2, 2026 and last modified on November 2, 2026.

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