UIDAI की नई डिजिटल पहचान पहल से आधार सेवाओं में बड़ा बदलाव
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने कोलकाता में आयोजित ‘आधार संवाद’ के दौरान डिजिटल पहचान से जुड़ी पांच नई पहलों की घोषणा की। यह कार्यक्रम 29 सितंबर 2026 को हुआ, जो आधार दिवस के रूप में मनाया गया। इन पहलों का फोकस आधार प्रमाणीकरण, नागरिक सेवाओं और डिजिटल शासन को अधिक सरल, तेज और व्यापक बनाना है।
आधार इकोसिस्टम में नई तकनीकी परत
UIDAI की सबसे अहम पहल ईपीडीएस के लिए फेस ऑथेंटिकेशन से जुड़ी है। यह प्रणाली UIDAI, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र की संयुक्त पहल है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत सब्सिडी वाले खाद्यान्न के वितरण में पहचान सत्यापन को अधिक सुगम बनाना है।
फेस ऑथेंटिकेशन आधार आधारित सत्यापन के उन तरीकों में शामिल है, जिनमें व्यक्ति की पहचान चेहरे के बायोमेट्रिक डेटा से की जाती है। इससे उन परिस्थितियों में भी प्रमाणीकरण संभव हो सकता है, जहां अन्य बायोमेट्रिक विकल्पों में कठिनाई आती है।
गैर-सरकारी संस्थाओं और कम-आवृत्ति उपयोगकर्ताओं के लिए नए ढांचे
UIDAI ने SWIK Portal 2.0 भी शुरू किया है। यह उन गैर-सरकारी संस्थाओं के लिए है, जो आधार प्रमाणीकरण की अनुमति चाहती हैं और ‘आधार प्रमाणीकरण फॉर गुड गवर्नेंस’ ढांचे के तहत काम करती हैं। इसके साथ ही Sub-AUA/Sub-KUA (LITE) फ्रेमवर्क पेश किया गया है, जिसे कम मात्रा में प्रमाणीकरण की जरूरत रखने वाले सरकारी और पात्र गैर-सरकारी संस्थानों के लिए तैयार किया गया है।
आधार इकोसिस्टम में AUA का अर्थ Authentication User Agency और KUA का अर्थ KYC User Agency होता है। इसी ढांचे के छोटे या उप-स्तरीय संस्करणों को Sub-AUA और Sub-KUA कहा जाता है। नए फ्रेमवर्क का मकसद तकनीकी पहुंच को आसान बनाना और अनुपालन प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक बनाना है।
नागरिक सेवाओं और डिजिटल पहुंच पर जोर
नागरिकों की सुविधा के लिए UIDAI ने राज्य और क्षेत्रीय कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए नया टोकन मैनेजमेंट सिस्टम भी शुरू किया है। इससे सेवा वितरण में कतार प्रबंधन और प्रक्रिया की पारदर्शिता बेहतर होने की उम्मीद है।
UIDAI की वेबसाइट को भी नया रूप दिया गया है। अब यह 13 भाषाओं में उपलब्ध है और आगे इसे 23 भाषाओं तक विस्तारित करने की योजना है। वेबसाइट पर करियर पोर्टल भी जोड़ा गया है, जहां प्रतिनियुक्ति अवसरों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आधार 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या है, जिसे UIDAI जारी करता है।
- UIDAI, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- आधार प्रमाणीकरण में जनसांख्यिकीय डेटा, बायोमेट्रिक डेटा या दोनों का उपयोग किया जा सकता है।
- आधार दिवस हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है, जो 2010 में आधार कार्यक्रम की शुरुआत से जुड़ा है।
कोलकाता में हुई यह घोषणा दिखाती है कि UIDAI अब केवल पहचान संख्या जारी करने वाली संस्था नहीं, बल्कि डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं के व्यापक ढांचे को मजबूत करने वाली संस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है।