JUICE ने तीसरी पृथ्वी-गुरुत्व सहायता से बृहस्पति मिशन की रफ्तार बढ़ाई

JUICE ने तीसरी पृथ्वी-गुरुत्व सहायता से बृहस्पति मिशन की रफ्तार बढ़ाई

यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के जुपिटर आइसि मून्स एक्सप्लोरर यानी JUICE ने 28 सितंबर 2026 को पृथ्वी के पास से अपनी तीसरी गुरुत्वीय सहायता पूरी की। इस उड़ान के दौरान अंतरिक्षयान भारतीय महासागर के ऊपर से लगभग 8,640 किलोमीटर की ऊँचाई से गुजरा और उसकी दिशा में करीब 20 डिग्री का बदलाव हुआ। यह चरण बृहस्पति और उसके बर्फीले चंद्रमाओं तक पहुँचने वाली लंबी यात्रा में बेहद अहम माना जा रहा है।

गुरुत्वीय सहायता क्यों महत्वपूर्ण है

अंतरिक्ष अभियानों में गुरुत्वीय सहायता एक ऐसी तकनीक है, जिसमें किसी ग्रह या चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण और गति का उपयोग करके अंतरिक्षयान की रफ्तार और दिशा बदली जाती है। इसे स्लिंगशॉट मैन्युवर भी कहा जाता है। इससे ईंधन की खपत कम होती है और दूरस्थ ग्रहों तक पहुँचने वाले मिशनों को अधिक दक्षता मिलती है।

JUICE के 2026 फ्लाईबाय के दौरान इसकी गति में लगभग 12,606 किलोमीटर प्रति घंटा, यानी 3.5 किलोमीटर प्रति सेकंड की बढ़ोतरी हुई। मिशन नियंत्रकों को इस मुलाकात से पहले केवल एक छोटा-सा कोर्स करेक्शन करना पड़ा, जो ग्रहों के पास से गुजरने वाले अभियानों में सामान्य प्रक्रिया होती है।

JUICE मिशन का लक्ष्य क्या है

JUICE मिशन का मुख्य उद्देश्य बृहस्पति और उसके तीन बड़े बर्फीले चंद्रमाओं का अध्ययन करना है, खासकर गैनीमीड का। यह मिशन वैज्ञानिकों को इन चंद्रमाओं की संरचना, सतह और संभावित उपसतही महासागरों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है।

योजना के अनुसार JUICE को 2031 में बृहस्पति की कक्षा में प्रवेश करना है और बाद में 2034 में गैनीमीड की कक्षा में जाना है। इस तरह के मिशनों में पृथ्वी जैसे ग्रहों के पास से बार-बार गुजरना सीधे प्रक्षेपण की तुलना में कम ईंधन में लक्ष्य तक पहुँचने का व्यावहारिक तरीका होता है।

अंतरिक्ष अभियानों में पृथ्वी फ्लाईबाय की भूमिका

दूर के ग्रहों तक भेजे जाने वाले कई मिशन पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का सहारा लेकर अपनी गति बढ़ाते हैं। इससे अंतरिक्षयान को अतिरिक्त ऊर्जा मिलती है और वह गहरे अंतरिक्ष की यात्रा के लिए बेहतर स्थिति में पहुँचता है। नासा के जuno मिशन ने भी 9 अक्टूबर 2013 को पृथ्वी गुरुत्वीय सहायता का उपयोग किया था, जिसके बाद वह बृहस्पति तक पहुँचा।

JUICE का यह फ्लाईबाय इसलिए भी खास है क्योंकि यह मिशन की तीसरी गुरुत्वीय सहायता थी। इससे यह स्पष्ट होता है कि लंबी दूरी के अंतरग्रहीय अभियानों में सटीक नेविगेशन और ग्रहों की गुरुत्वीय शक्ति का रणनीतिक उपयोग कितना महत्वपूर्ण होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • JUICE का पूरा नाम Jupiter Icy Moons Explorer है।
  • गुरुत्वीय सहायता को अंतरिक्ष उड़ान में स्लिंगशॉट मैन्युवर भी कहा जाता है।
  • गैनीमीड सौरमंडल का सबसे बड़ा चंद्रमा है।
  • बृहस्पति सूर्य से पाँचवाँ ग्रह है।

JUICE की यह उपलब्धि दिखाती है कि आधुनिक अंतरिक्ष मिशन केवल रॉकेट शक्ति पर नहीं, बल्कि सटीक कक्षीय गणनाओं और गुरुत्वीय युक्तियों पर भी निर्भर करते हैं। आने वाले वर्षों में यह मिशन बृहस्पति प्रणाली के बारे में नई वैज्ञानिक जानकारियाँ दे सकता है।

Originally written on October 5, 2026 and last modified on October 5, 2026.

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