BRICS में अनाज व्यापार और बीमा ढांचे पर रूस का जोर

BRICS में अनाज व्यापार और बीमा ढांचे पर रूस का जोर

नई दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सदस्य देशों के बीच अनाज व्यापार के लिए एक साझा मंच और नया बीमा तंत्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा। यह पहल BRICS के भीतर आर्थिक सहयोग को गहरा करने और वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए व्यापारिक व्यवस्था को अधिक स्थिर बनाने की दिशा में देखी जा रही है।

BRICS की आर्थिक भूमिका क्यों बढ़ रही है

BRICS उभरती अर्थव्यवस्थाओं का एक अंतर-सरकारी समूह है, जिसमें ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। समय के साथ इस मंच ने केवल राजनीतिक संवाद तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि व्यापार, वित्त, कृषि, प्रौद्योगिकी, भुगतान प्रणाली, आपूर्ति शृंखला और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।

कृषि के लिहाज से BRICS की भूमिका खास है, क्योंकि इसके सदस्य देश वैश्विक कृषि और खाद्य उत्पादन का बड़ा हिस्सा योगदान करते हैं। साथ ही, दुनिया के दो-तिहाई से अधिक छोटे और सीमांत किसान भी इन्हीं देशों में रहते हैं। यही कारण है कि अनाज व्यापार और खाद्य सुरक्षा पर BRICS की चर्चा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक भी मानी जाती है।

अनाज मंच और बीमा तंत्र का उद्देश्य

पुतिन के प्रस्ताव का केंद्र एक ऐसा समन्वित बाजार है, जहां BRICS देशों के बीच अनाज की खरीद-बिक्री अधिक व्यवस्थित ढंग से हो सके। इससे व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाने, आपूर्ति को स्थिर रखने और कीमतों में अचानक उतार-चढ़ाव को कम करने में मदद मिल सकती है।

बीमा तंत्र का संबंध खास तौर पर शिपिंग, कमोडिटी व्यापार और वैश्विक बीमा बाजार तक पहुंच से है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बीमा इसलिए अहम होता है, क्योंकि इससे माल ढुलाई के दौरान नुकसान, परिवहन जोखिम और भुगतान से जुड़ी अनिश्चितताओं को संभाला जा सकता है। अनाज जैसे उत्पादों के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि गेहूं, मक्का, चावल और जौ जैसी फसलें वैश्विक स्तर पर बड़े पैमाने पर कारोबार में शामिल रहती हैं।

न्यू डेवलपमेंट बैंक और प्रतिबंधों का संदर्भ

पुतिन ने BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक का भी उल्लेख किया। यह बैंक 2014 में BRICS देशों द्वारा स्थापित बहुपक्षीय विकास बैंक है और इसका मुख्यालय शंघाई, चीन में है। बैंक का उद्देश्य BRICS और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं में बुनियादी ढांचे तथा सतत विकास परियोजनाओं को वित्त देना है।

रूस पर यूक्रेन संघर्ष के बाद लगे पश्चिमी प्रतिबंधों ने उसके कच्चे तेल निर्यात और वैश्विक बीमा तक पहुंच को प्रभावित किया है। ऐसे में वैकल्पिक व्यापारिक और वित्तीय ढांचे की तलाश रूस की व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। इसी पृष्ठभूमि में BRICS के भीतर अनाज व्यापार मंच और बीमा व्यवस्था का प्रस्ताव सामने आया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • BRICS की शुरुआत 2009 में BRIC के रूप में हुई थी और दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद 2010 में यह BRICS बना।
  • न्यू डेवलपमेंट बैंक की स्थापना 2014 में BRICS देशों ने की थी।
  • BRICS देशों में वैश्विक कृषि और खाद्य उत्पादन का लगभग 42% हिस्सा आता है।
  • वैश्विक दक्षिण शब्द का प्रयोग एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और ओशिनिया के विकासशील व उभरते देशों के लिए किया जाता है।

कुल मिलाकर, BRICS में अनाज व्यापार और बीमा तंत्र पर यह प्रस्ताव खाद्य सुरक्षा, व्यापारिक स्थिरता और वैकल्पिक आर्थिक सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है। आने वाले समय में इस पर सदस्य देशों के बीच आगे की चर्चा और व्यावहारिक रूपरेखा पर नजर रहेगी।

Originally written on September 15, 2026 and last modified on September 15, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *