2036 ओलंपिक मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी को मिली नई दिशा
भारत ने 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने 24 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन में आयोजित अपने 146वें सत्र में 2036 ओलंपिक की मेजबान चयन प्रक्रिया के संशोधित ढांचे को मंजूरी दी। इस नए ढांचे के तहत मेजबान शहर का अंतिम चुनाव वर्ष 2029 के मध्य में किया जाएगा। भारत ने 2024 में लेटर ऑफ इंटेंट प्रस्तुत कर आधिकारिक रूप से अपनी दावेदारी दर्ज कराई थी और वर्तमान में वह कॉन्टीन्यूअस डायलॉग चरण में शामिल है।
ओलंपिक मेजबान चयन की नई प्रक्रिया
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति मेजबान शहर के चयन के लिए बहु-स्तरीय प्रक्रिया अपनाती है। 2036 ओलंपिक के लिए संशोधित प्रक्रिया में तीन प्रमुख चरण निर्धारित किए गए हैं—कॉन्टीन्यूअस डायलॉग, स्ट्रैटेजिक डायलॉग और टार्गेटेड डायलॉग। सबसे पहले इच्छुक देश कॉन्टीन्यूअस डायलॉग चरण में अपनी रुचि और प्रारंभिक योजनाएं साझा करते हैं। इसके बाद मार्च 2027 से शुरू होने वाले स्ट्रैटेजिक डायलॉग चरण में चयनित देशों को अपनी तकनीकी, वित्तीय और संचालन संबंधी तैयारियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करना होगा। अंतिम चरण टार्गेटेड डायलॉग होगा, जिसकी शुरुआत 2028 के अंत में होने की संभावना है। इसके बाद 2029 के मध्य में आईओसी मेजबान शहर का चुनाव करेगा।
भारत की दावेदारी और अहमदाबाद की भूमिका
भारत ने वर्ष 2024 में लेटर ऑफ इंटेंट जमा करके 2036 ओलंपिक की मेजबानी की दौड़ में आधिकारिक प्रवेश किया। भारत की ओर से अहमदाबाद को प्रस्तावित मेजबान शहर के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यदि भारत को मेजबानी मिलती है, तो यह देश के खेल इतिहास की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों में से एक होगी और इससे खेल अवसंरचना, पर्यटन, निवेश तथा रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
संशोधित प्रक्रिया की प्रमुख विशेषताएं
नई चयन प्रक्रिया का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना, वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करना और मेजबानी की लागत को नियंत्रित रखना है। स्ट्रैटेजिक डायलॉग चरण में उम्मीदवार देशों को फ्यूचर होस्ट प्रश्नावली का उत्तर देना होगा तथा आवश्यक वित्तीय गारंटी भी प्रस्तुत करनी होगी। इसी आधार पर आईओसी यह मूल्यांकन करेगा कि कोई देश तकनीकी, आर्थिक और प्रशासनिक दृष्टि से ओलंपिक आयोजन के लिए कितना तैयार है।
2036 ओलंपिक की समयरेखा
मार्च 2027 में इच्छुक देशों में से चयनित उम्मीदवारों को स्ट्रैटेजिक डायलॉग चरण में शामिल किया जाएगा। इसके बाद 2028 के अंत में संभावित मेजबान देशों को टार्गेटेड डायलॉग चरण में प्रवेश मिलेगा। अंततः वर्ष 2029 के मध्य में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति 2036 ओलंपिक खेलों के मेजबान शहर की आधिकारिक घोषणा करेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति की स्थापना वर्ष 1894 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्जरलैंड के लॉज़ेन में स्थित है।
- ओलंपिक खेल दो संस्करणों—ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन—में आयोजित किए जाते हैं।
- फ्यूचर होस्ट प्रश्नावली के माध्यम से आईओसी उम्मीदवार देशों की तकनीकी, वित्तीय और संचालन संबंधी तैयारियों का मूल्यांकन करता है।
- कतर, तुर्की और दक्षिण अफ्रीका भी 2036 ओलंपिक खेलों की संभावित मेजबानी में रुचि रखने वाले देशों में शामिल हैं।
2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी देश के खेल विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि भारत इस प्रतिस्पर्धा में सफल होता है, तो यह न केवल भारतीय खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायक होगा, बल्कि देश को खेल, पर्यटन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करेगा।