155 मिमी तोपखाने के सटीक गोला-बारूद को स्वदेशी बनाने की पहल

155 मिमी तोपखाने के सटीक गोला-बारूद को स्वदेशी बनाने की पहल

सिग्मा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (एसएएसएल) और सरकारी कंपनी म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (एमआईएल) ने 14 अक्टूबर 2026 को 155 मिमी तोपखाने के लिए कोर्स करेक्शन फ्यूज़ के विकास और उत्पादन पर विशेष समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का उद्देश्य भारत में इन प्रणालियों का एकीकरण और विनिर्माण करना है।

समझौते का दायरा

साझेदारी में 155 मिमी कोर्स करेक्शन फ्यूज़ के साथ उससे जुड़े पुर्जों, उप-प्रणालियों और तकनीकों का विकास शामिल है। समझौते के तहत तकनीक हस्तांतरण, प्रणाली का एकीकरण और भारतीय परिस्थितियों में उसका परीक्षण एवं योग्यता-निर्धारण भी किया जाएगा।

155 मिमी का उल्लेख तोप और गोला-बारूद के नाममात्र व्यास को दर्शाता है। कोर्स करेक्शन तकनीक उड़ान के दौरान प्रक्षेप्य के मार्ग में सुधार करने में मदद करती है, जिससे बिना मार्गदर्शन वाले गोले की तुलना में निशाने की सटीकता बेहतर करने का लक्ष्य रहता है। प्रस्तावित कार्यक्रम निर्देशित तोपखाना गोलों और सटीक मारक क्षमता वाले गोला-बारूद से जुड़ा है।

दोनों कंपनियों की भूमिका

एसएएसएल इस पहल में अभियांत्रिकी, कार्यक्रम संचालन और स्वदेशी तकनीक का योगदान देगी। कंपनी अपने कोर्स करेक्शन गाइडेंस किट को इस सहयोग में शामिल करेगी। यह किट अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों द्वारा पहले से उपयोग की जा रही है।

एमआईएल अपनी गोला-बारूद निर्माण सुविधाओं और भारतीय सशस्त्र बलों को आपूर्ति के अनुभव का उपयोग करेगी। इस तरह एक पक्ष मार्गदर्शन तकनीक और अभियांत्रिकी क्षमता लाएगा, जबकि दूसरा उत्पादन ढाँचे और रक्षा आपूर्ति का अनुभव उपलब्ध कराएगा।

स्वदेशी रक्षा उत्पादन के लिए महत्व

देश में निर्माण और तकनीक के स्थानीयकरण से सटीक निर्देशित तोपखाना गोला-बारूद के क्षेत्र में घरेलू क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है। यह सहयोग रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता और आयात पर निर्भरता घटाने के सरकारी प्रयासों के अनुरूप है। हालांकि, प्रणाली की वास्तविक क्षमता और उपयोगिता का आकलन इसके एकीकरण, परीक्षण और योग्यता-निर्धारण के बाद ही किया जा सकेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • एसएएसएल और एमआईएल ने 14 अक्टूबर 2026 को विशेष समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • साझेदारी का केंद्र 155 मिमी तोपखाने के कोर्स करेक्शन फ्यूज़ और संबंधित प्रणालियाँ हैं।
  • म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड सरकारी स्वामित्व वाली गोला-बारूद निर्माता कंपनी है।
  • एसएएसएल इस सहयोग में अपना कोर्स करेक्शन गाइडेंस किट और अभियांत्रिकी क्षमता देगी।

यह समझौता स्वदेशी मार्गदर्शन तकनीक को मौजूदा गोला-बारूद निर्माण ढाँचे से जोड़ने की दिशा में एक कदम है। इसकी प्रगति तकनीक हस्तांतरण और परीक्षण की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

Originally written on October 15, 2026 and last modified on October 15, 2026.

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