135वें इंडियनऑयल डूरंड कप 2026 की ट्रॉफी यात्रा गुवाहाटी से शुरू, फुटबॉल महाकुंभ की तैयारियां तेज

135वें इंडियनऑयल डूरंड कप 2026 की ट्रॉफी यात्रा गुवाहाटी से शुरू, फुटबॉल महाकुंभ की तैयारियां तेज

भारत के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप 2026 की ट्रॉफी यात्रा 16 जुलाई 2026 को असम की राजधानी गुवाहाटी से शुरू हुई। होटल ताज विवांता में आयोजित समारोह में टूर्नामेंट से जुड़ी तीन ऐतिहासिक ट्रॉफियों—डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और सिमला ट्रॉफी—का अनावरण किया गया। इस अवसर ने फुटबॉल प्रेमियों के बीच टूर्नामेंट को लेकर उत्साह और बढ़ा दिया। डूरंड कप का आयोजन इस वर्ष 25 जुलाई से 23 अगस्त 2026 तक भारत के पांच शहरों में किया जाएगा।

डूरंड कप का ऐतिहासिक महत्व

डूरंड कप एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है। इसकी शुरुआत वर्ष 1888 में हुई थी और इसका नाम ब्रिटिश राजनयिक मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया। यह प्रतियोगिता भारत के फुटबॉल इतिहास की सबसे प्रतिष्ठित विरासतों में शामिल है। डूरंड कप की ट्रॉफी के साथ प्रेसिडेंट्स कप और सिमला ट्रॉफी भी इस ऐतिहासिक प्रतियोगिता की परंपरा और गौरव का प्रतीक मानी जाती हैं। इन तीनों ट्रॉफियों का सार्वजनिक प्रदर्शन टूर्नामेंट की समृद्ध विरासत को दर्शाता है।

गुवाहाटी में ट्रॉफी यात्रा और जनसंपर्क

गुवाहाटी में आयोजित दो दिवसीय ट्रॉफी यात्रा के दौरान इन ऐतिहासिक ट्रॉफियों को कई प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित किया जाएगा। इनमें नया असम विधानसभा भवन, लाचित बरफुकन की प्रतिमा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) गुवाहाटी और सिटी सेंटर मॉल शामिल हैं। इस प्रकार की ट्रॉफी यात्राओं का उद्देश्य आम जनता, विशेषकर युवाओं और फुटबॉल प्रेमियों को टूर्नामेंट से जोड़ना तथा खेल के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ाना है।

ग्रुप एफ के मुकाबले गुवाहाटी में

गुवाहाटी को 135वें डूरंड कप के ग्रुप एफ की मेजबानी सौंपी गई है। यहां 1 अगस्त से 13 अगस्त 2026 के बीच छह मुकाबले खेले जाएंगे। सभी मैच इंदिरा गांधी एथलेटिक स्टेडियम, सरुसजाई में आयोजित होंगे, जो असम का प्रमुख फुटबॉल स्टेडियम है। इस ग्रुप में नॉर्थईस्ट यूनाइटेड एफसी, बोडोलैंड एफसी, कार्बी आंगलोंग मॉर्निंग स्टार एफसी और एफसी 1 क्लब हिस्सा लेंगे। इन टीमों के बीच होने वाले मुकाबलों से रोमांचक प्रतिस्पर्धा की उम्मीद की जा रही है।

असम में फुटबॉल को मिल रहा बढ़ावा

वर्ष 2026 लगातार पांचवां अवसर है जब असम डूरंड कप की मेजबानी कर रहा है। हाल के वर्षों में राज्य ने राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल आयोजनों के सफल संचालन के माध्यम से अपनी पहचान मजबूत की है। डूरंड कप के बहु-शहरी प्रारूप में गुवाहाटी की नियमित भागीदारी पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल संस्कृति को प्रोत्साहित करने और स्थानीय खिलाड़ियों को बड़े मंच उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • डूरंड कप की शुरुआत वर्ष 1888 में हुई थी और यह एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंटों में से एक है।
  • इस प्रतियोगिता का नाम ब्रिटिश राजनयिक मोर्टिमर डूरंड के नाम पर रखा गया है।
  • 135वां इंडियनऑयल डूरंड कप 2026 भारत के पांच शहरों—कोलकाता, गुवाहाटी, शिलांग, इंफाल और रांची—में आयोजित किया जाएगा।
  • वर्ष 2026 में असम लगातार पांचवीं बार डूरंड कप की मेजबानी कर रहा है।

135वें इंडियनऑयल डूरंड कप की ट्रॉफी यात्रा केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध फुटबॉल विरासत का उत्सव भी है। बहु-शहरी आयोजन, ऐतिहासिक ट्रॉफियों का सार्वजनिक प्रदर्शन और पूर्वोत्तर भारत में फुटबॉल के बढ़ते प्रभाव से यह प्रतियोगिता देश में खेल संस्कृति को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। आने वाले मुकाबले भारतीय फुटबॉल के विकास और युवा खिलाड़ियों को नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच साबित होंगे।

Originally written on July 17, 2026 and last modified on July 17, 2026.

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