हरमनप्रीत सिंह के 250 अंतरराष्ट्रीय गोल, भारत एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने अंतरराष्ट्रीय हॉकी में 250 गोल पूरे कर लिए हैं। उन्होंने यह उपलब्धि 5 नवंबर 2026 को मोहाली में दक्षिण कोरिया के खिलाफ एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में हासिल की। इस मुकाबले में भारत ने 8–1 से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।
पेनल्टी कॉर्नर से आया ऐतिहासिक गोल
हरमनप्रीत ने मैच के नौवें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया। इसके साथ ही वह 250 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले दूसरे भारतीय पुरुष हॉकी खिलाड़ी बन गए। इस सूची में उनसे आगे ध्यानचंद हैं, जिनके नाम 570 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं। हॉकी इंडिया ने कप्तान को इस उपलब्धि पर बधाई दी। हरमनप्रीत एक डिफेंडर हैं और पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करने की अपनी क्षमता के लिए पहचाने जाते हैं। हॉकी में यह भूमिका खास है, क्योंकि खिलाड़ी रक्षापंक्ति का हिस्सा रहते हुए भी सेट-पीस के जरिए आक्रमण में निर्णायक योगदान दे सकता है। उनका 250वां गोल इसी कौशल का उदाहरण बना।
दक्षिण कोरिया पर बड़ी जीत से फाइनल में भारत
सेमीफाइनल में भारत ने दक्षिण कोरिया को 8–1 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम प्रतियोगिता के खिताबी मुकाबले में पहुंच गई, जहां उसका सामना जापान से होना है। मुकाबला मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला गया। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी एशिया की प्रमुख पुरुष हॉकी प्रतियोगिताओं में शामिल है। इसमें छह टीमें भाग लेती हैं और राउंड-रॉबिन प्रारूप के बाद आगे की स्थिति तय होती है। एशियाई हॉकी महासंघ ने 2011 से इस प्रतियोगिता का आयोजन किया है। भारत की सेमीफाइनल जीत ने टीम को खिताब की दौड़ में बनाए रखा है।
पेनल्टी कॉर्नर और प्रतियोगिता के नियम
पेनल्टी कॉर्नर हॉकी में गोल बनाने का अहम अवसर होता है, लेकिन इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन जरूरी है। गेंद को पहले सर्कल से बाहर जाना होता है; उसके बाद ही आक्रमणकारी टीम गोल पर शॉट ले सकती है। दूसरी ओर, बचाव करने वाली टीम के अधिकतम पांच खिलाड़ी, गोलकीपर सहित, प्रारंभ में बैक लाइन के पीछे रह सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हरमनप्रीत सिंह 250 अंतरराष्ट्रीय गोल करने वाले दूसरे भारतीय पुरुष हॉकी खिलाड़ी हैं।
- ध्यानचंद के नाम 570 अंतरराष्ट्रीय गोल दर्ज हैं।
- पेनल्टी कॉर्नर के शुरुआती बचाव में गोलकीपर सहित अधिकतम पांच खिलाड़ी बैक लाइन के पीछे रह सकते हैं।
- एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में छह टीमें भाग लेती हैं और इसका आयोजन 2011 से एशियाई हॉकी महासंघ कर रहा है।
हरमनप्रीत का यह मील का पत्थर और भारत की बड़ी सेमीफाइनल जीत, दोनों ही टूर्नामेंट में टीम के मजबूत प्रदर्शन को रेखांकित करते हैं। अब भारतीय टीम की नजर जापान के खिलाफ फाइनल पर होगी।