स्वावलंबन 2026: नौसेना की स्वदेशी तकनीकों को समुद्र तक पहुंचाने की पहल
भारतीय नौसेना 26 और 27 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में नौसैनिक नवाचार एवं स्वदेशीकरण संगोष्ठी ‘स्वावलंबन 2026’ का पांचवां संस्करण आयोजित करेगी। इसका उद्देश्य देश में विकसित तकनीकों को नौसेना की परिचालन जरूरतों से जोड़ना और उन्हें समुद्र में उपयोग योग्य प्रणालियों में बदलना है।
नवाचार को उपयोगी नौसैनिक क्षमता बनाने पर जोर
स्वावलंबन में रक्षा क्षेत्र के नवप्रवर्तक, उद्योग, शिक्षण संस्थान, स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, निवेशक और सशस्त्र बलों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। संगोष्ठी में तकनीकी विचारों को व्यावहारिक प्रणालियों में बदलने तथा स्वदेशी उपकरणों को नौसेना में तेजी से शामिल करने पर चर्चा होगी। इस तरह मंच का ध्यान केवल नई तकनीक दिखाने पर नहीं, बल्कि उसे नौसैनिक अभियानों की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर भी रहेगा।
प्रदर्शनी में समुद्री निगरानी, मानवरहित विमानों से निपटने वाली प्रणालियां, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक और परमाणु, जैविक, रासायनिक तथा विकिरणीय खतरों से सुरक्षा से जुड़े समाधान शामिल होंगे। ये क्षेत्र समुद्री क्षेत्र की निगरानी, उभरते खतरों का जवाब देने और जटिल परिस्थितियों में नौसेना की क्षमता मजबूत करने से जुड़े हैं।
स्वदेशी तकनीकों के अलग-अलग उपयोग
नौसेना के स्वदेशीकरण प्रयासों में क्वांटम पोजिशनिंग प्रणाली, उच्च-शक्ति माइक्रोवेव आधारित निर्देशित ऊर्जा प्रणाली, अतिरिक्त-बड़े स्वायत्त पानी के भीतर चलने वाले वाहन और स्थिर-पंख वाले विमानों के लिए स्वदेशी रैमजेट इंजन शामिल हैं। ये परियोजनाएं नौवहन, निर्देशित ऊर्जा, पानी के भीतर संचालन और विमान प्रणोदन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित हैं।
नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर ने 19 अक्टूबर 2026 को संगोष्ठी से पहले आयोजित संवाददाता सम्मेलन की अध्यक्षता की। रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडेक्स) पहल के तहत भारतीय नवप्रवर्तकों से रक्षा जरूरतों पर प्रस्ताव आमंत्रित किए जाते हैं। इस पहल में अब तक 4,000 से अधिक प्रस्ताव मिले हैं। 3,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की परियोजनाओं को आवश्यकता की स्वीकृति मिली है और 1,900 करोड़ रुपये से अधिक के अनुबंध किए जा चुके हैं।
खरीद योजनाओं और भागीदारी का बढ़ता दायरा
स्वावलंबन की शुरुआत 2022 में हुई थी। पहले संस्करण में करीब 800 प्रतिभागी शामिल हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या लगभग 3,000 तक पहुंची। 2026 के आयोजन में 100 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगने की उम्मीद है। प्रतिभागियों और प्रदर्शकों की बढ़ती मौजूदगी स्वदेशी रक्षा तकनीक से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाने का अवसर देती है।
नौसेना के पास 42 प्लेटफॉर्म निर्माणाधीन हैं। इसके अतिरिक्त 78 प्लेटफॉर्म और 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट के लिए आवश्यकता की स्वीकृति दी गई है। इन खरीद योजनाओं का अनुमानित संयुक्त मूल्य 2.41 लाख करोड़ रुपये है। चार लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक और अगली पीढ़ी के फ्रिगेट के लिए भी प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्वावलंबन भारतीय नौसेना की नौसैनिक नवाचार एवं स्वदेशीकरण संगोष्ठी है; 2026 इसका पांचवां संस्करण होगा।
- स्वावलंबन 2026 का आयोजन 26–27 अक्टूबर को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में निर्धारित है।
- आईडेक्स को भारतीय नवप्रवर्तकों से 4,000 से अधिक प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
- नौसेना की खरीद योजनाओं में 120 फास्ट इंटरसेप्टर क्राफ्ट और चार लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक शामिल हैं।
स्वावलंबन 2026 का महत्व इस बात में है कि यह स्वदेशी तकनीक विकसित करने वालों और नौसेना की वास्तविक परिचालन आवश्यकताओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा।