स्मृति मंधाना की यूनिसेफ भूमिका से किशोरियों के अवसरों पर जोर

स्मृति मंधाना की यूनिसेफ भूमिका से किशोरियों के अवसरों पर जोर

भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना को 11 अक्टूबर 2026 को बालिका दिवस के अवसर पर यूनिसेफ इंडिया की सेलिब्रिटी एडवोकेट बनाया गया। इस भूमिका में वह देशभर की किशोरियों के लिए समान अवसर, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देंगी। खेलों में लड़कियों की भागीदारी और उनकी क्षमता के विकास को प्रोत्साहित करना भी उनके अभियान का हिस्सा होगा।

किशोरियों के लिए समान अवसरों की पैरवी

यूनिसेफ इंडिया के अनुसार, मंधाना ऐसी परिस्थितियां बनाने की पैरवी करेंगी जिनमें लड़कियां अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ सकें। इसमें स्वास्थ्य और कल्याण के साथ खेलों तक उनकी पहुंच को बढ़ावा देना शामिल है। खेलों में भागीदारी से लड़कियों को अपनी क्षमता दिखाने और आत्मविश्वास विकसित करने के अवसर मिलते हैं।

मंधाना पहले भी यूनिसेफ और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के लैंगिक समानता तथा जीवन-कौशल से जुड़े अभियानों का समर्थन कर चुकी हैं। उन्होंने यूनिसेफ के ‘प्रॉमिस टू चिल्ड्रन’ अभियान में भी हिस्सा लिया है। नियुक्ति पर उन्होंने कहा कि हर बच्चे को बड़े सपने देखने का अवसर मिलना चाहिए।

बालिका दिवस से जुड़ा संदेश

मंधाना की नियुक्ति की घोषणा अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर हुई। यह दिवस हर वर्ष 11 अक्टूबर को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2011 में इसे स्थापित किया था और पहली बार यह दिवस 2012 में मनाया गया। इसका उद्देश्य लड़कियों के अधिकारों, सुरक्षा, क्षमता और नेतृत्व पर ध्यान आकर्षित करना है।

यूनिसेफ बच्चों के अधिकारों, स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और समग्र विकास के लिए काम करता है। ऐसे में मंधाना जैसी लोकप्रिय खिलाड़ी की भागीदारी किशोरियों से जुड़े मुद्दों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने में मदद कर सकती है। भारतीय महिला क्रिकेट में भी मंधाना की भूमिका बढ़ी है। स्रोत के अनुसार, उन्हें इसी सप्ताह हरमनप्रीत कौर के कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय महिला टीम की कप्तान बनाया गया। दक्षिण एशिया के लिए यूनिसेफ के क्षेत्रीय सद्भावना दूत सचिन तेंदुलकर ने भी सोशल मीडिया पर उनका स्वागत किया।

अभियान का व्यापक महत्व

किशोरावस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता से जुड़े फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण समय है। इस आयु वर्ग की लड़कियों के लिए अवसरों और सुरक्षित माहौल पर ध्यान देना उनके विकास में सहायक होता है। मंधाना की भूमिका खेल के माध्यम से इस चर्चा को आगे बढ़ाने और लड़कियों की भागीदारी को प्रोत्साहन देने पर केंद्रित है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर वर्ष 11 अक्टूबर को मनाया जाता है।
  • संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की स्थापना की; यह पहली बार 2012 में मनाया गया।
  • यूनिसेफ की स्थापना 1946 में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष के रूप में हुई थी।
  • बाल अधिकारों पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन को महासभा ने 1989 में अपनाया था।

मंधाना की नियुक्ति खेल और बाल अधिकारों के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाती है। इससे किशोरियों के स्वास्थ्य, समान अवसर और खेलों में भागीदारी से जुड़े मुद्दों को नई पहचान मिल सकती है।

Originally written on October 12, 2026 and last modified on October 12, 2026.

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