सुधा यादव बनीं कर्नाटक की राज्यपाल, संवैधानिक भूमिका पर नजर
डॉ. सुधा यादव ने 16 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु स्थित राजभवन में कर्नाटक के राज्यपाल पद की शपथ ली। कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति की थी।
कर्नाटक में राज्यपाल पद का उत्तराधिकार
सुधा यादव ने थावरचंद गहलोत का स्थान लिया, जो 11 जुलाई 2021 से कर्नाटक के राज्यपाल थे। वह इस पद पर पहुंचने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले वी.एस. रमादेवी कर्नाटक की राज्यपाल रह चुकी हैं। राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और यह पद राज्य की संवैधानिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है।
संविधान के अनुच्छेद 153 में प्रत्येक राज्य के लिए राज्यपाल का प्रावधान है। हालांकि, एक ही व्यक्ति को दो या अधिक राज्यों का राज्यपाल भी नियुक्त किया जा सकता है। अनुच्छेद 155 के अनुसार राष्ट्रपति अपने हस्ताक्षर और मुहरयुक्त अधिपत्र के जरिए राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं।
राज्यपाल की संवैधानिक स्थिति और अधिकार
राज्यपाल राज्य का संवैधानिक प्रमुख होता है। अनुच्छेद 163 के तहत मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद राज्यपाल को सहायता और सलाह देती है, उन मामलों को छोड़कर जहां संविधान विवेकाधीन अधिकार देता है। सामान्यतः राज्य सरकार के कामकाज में राज्यपाल की भूमिका संवैधानिक प्रावधानों के दायरे में होती है।
राज्य विधानमंडल से पारित विधेयक पर अनुच्छेद 200 के तहत राज्यपाल अपनी स्वीकृति दे सकते हैं, स्वीकृति रोक सकते हैं, गैर-वित्त विधेयक को पुनर्विचार के लिए लौटा सकते हैं या राष्ट्रपति के विचारार्थ सुरक्षित रख सकते हैं। इसीलिए राज्यपाल का पद केंद्र और राज्य की संवैधानिक व्यवस्था के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है।
शैक्षणिक और सार्वजनिक जीवन
सुधा यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ से लोकसभा सदस्य रह चुकी हैं और भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड की सदस्य हैं। उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से रसायन विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि और पीएचडी प्राप्त की। राजनीति में उनका प्रवेश 1999 के कारगिल युद्ध में उनके पति सुखबीर सिंह यादव के निधन के बाद हुआ था। उनके पति सीमा सुरक्षा बल में उप-कमांडेंट थे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अनुच्छेद 153 प्रत्येक राज्य में राज्यपाल के पद का प्रावधान करता है।
- अनुच्छेद 155 के तहत राष्ट्रपति राज्यपाल की नियुक्ति करते हैं।
- अनुच्छेद 157 के अनुसार राज्यपाल बनने के लिए भारतीय नागरिक होना और कम-से-कम 35 वर्ष की आयु होना आवश्यक है।
- अनुच्छेद 159 राज्यपाल की शपथ या प्रतिज्ञान से संबंधित है।
सुधा यादव की नियुक्ति कर्नाटक के संवैधानिक नेतृत्व में बदलाव है। राज्यपाल के अधिकारों और दायित्वों का निर्वहन संविधान में तय सीमाओं के भीतर होता है।