सिंगरेणी की पांच खदानों को मिली कोयला मंत्रालय की सर्वोच्च रेटिंग
तेलंगाना की सिंगरेणी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (एससीसीएल) की पांच खदानों को वर्ष 2024–25 के लिए कोयला मंत्रालय की पंचतारा रेटिंग से सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह 2 नवंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित हुआ। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने एससीसीएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बुद्धप्रकाश ज्योति को पुरस्कार प्रदान किए।
इन पांच खदानों को मिला सम्मान
पुरस्कार पाने वाली खदानों में श्रीरामपुर क्षेत्र की आरकेएनटी और आरके-6 इनक्लाइन, सत्तुपल्ली क्षेत्र की जेवीआर ओसी-2, बेल्लमपल्ली क्षेत्र की खैरिगुरा ओसी तथा रामागुंडम-3 क्षेत्र की आरजीओसी-1 शामिल हैं। ये खदानें तेलंगाना के अलग-अलग खनन क्षेत्रों में स्थित हैं। पांच खदानों को मिला यह सम्मान एससीसीएल के संचालन और खदान प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की उपलब्धियों को रेखांकित करता है।
रेटिंग में सुरक्षा और पर्यावरण पर भी जोर
कोयला मंत्रालय खदानों का हर वर्ष 84 मानकों के आधार पर मूल्यांकन करता है। इसमें उत्पादन और संचालन के साथ सुरक्षा, प्रबंधन, आधारभूत सुविधाएं, पर्यावरण संरक्षण तथा श्रमिकों के कल्याण से जुड़े पहलू शामिल होते हैं। 100 में से 91 से अधिक अंक पाने वाली खदान को पंचतारा रेटिंग के योग्य माना जाता है। इसलिए यह रेटिंग केवल उत्पादन क्षमता का संकेत नहीं है; यह खदान में सुरक्षित कार्यप्रणाली, पर्यावरणीय उपायों और श्रमिक कल्याण के प्रयासों को भी महत्व देती है।
एससीसीएल को भूमिगत खदान श्रेणी में भी पहला पुरस्कार
एससीसीएल को वर्ष 2024–25 के वार्षिक स्टार रेटिंग पुरस्कारों में भूमिगत खदान श्रेणी का प्रथम पुरस्कार भी मिला। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री भट्टी विक्रमार्का ने कंपनी के अधिकारियों, कर्मचारियों और कामगारों को बधाई दी। एससीसीएल तेलंगाना में खुली खदानों और भूमिगत खदानों, दोनों का संचालन करती है। कंपनी का संयुक्त स्वामित्व है: तेलंगाना सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कोयला मंत्रालय के स्टार रेटिंग मूल्यांकन में खदानों को 84 मानकों पर परखा जाता है; 100 में 91 से अधिक अंक पर पंचतारा रेटिंग मिलती है।
- कोयला नियंत्रक संगठन खदानों के स्व-मूल्यांकन से जुड़े आंकड़ों का सत्यापन करता है।
- एससीसीएल में तेलंगाना सरकार की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 49 प्रतिशत है।
- एससीसीएल खुली खदान और भूमिगत खदान—दोनों प्रकार से कोयला निकालती है।
इन सम्मानों से खदानों के संचालन में सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और श्रमिक कल्याण को साथ लेकर चलने के महत्व पर जोर मिलता है।