एशिया-प्रशांत प्रसारण पुरस्कारों में प्रसार भारती की दोहरी सफलता
प्रसार भारती ने एशिया-प्रशांत प्रसारण संघ (एबीयू) पुरस्कार 2026 में दो सम्मान हासिल किए। कोलंबो में 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक आयोजित समारोह में आकाशवाणी बेंगलुरु के एक कार्यक्रम को विशेष प्रशस्ति मिली, जबकि आकाशवाणी इम्फाल के इंजीनियरिंग निदेशक नोंगमैथेम नंदकुमार सिंह को प्रसारण अभियांत्रिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
आकाशवाणी की सामग्री और तकनीकी नवाचार को मान्यता
आकाशवाणी बेंगलुरु के कार्यक्रम ‘बियॉन्ड द कॉल’ को श्रव्य जनसेवा घोषणा श्रेणी में विशेष प्रशस्ति प्रदान की गई। यह सम्मान कार्यक्रम से जुड़ी टीम और सार्वजनिक प्रसारण के जरिए श्रोताओं तक उपयोगी संदेश पहुंचाने के प्रयासों को पहचान देता है। समारोह में ज्योति दास ने आकाशवाणी की ओर से यह सम्मान स्वीकार किया।
दूसरा सम्मान नोंगमैथेम नंदकुमार सिंह को मिला। उन्हें एबीयू प्रसारण अभियांत्रिकी उत्कृष्टता पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार प्रसारण तकनीक और नवाचार में उनके योगदान के लिए दिया गया। उनके योगदान में स्वदेशी समाधान ‘डीडीप्लेलिस्ट’ और ‘डीडीस्लोमो’ शामिल हैं। भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारी मिहिर झा के माध्यम से सिंह को यह सम्मान प्रदान किया गया।
एबीयू महासभा में मीडिया की भूमिका पर चर्चा
पुरस्कार 63वीं एबीयू महासभा और उससे जुड़ी बैठकों के दौरान दिए गए। इस आयोजन का विषय था—“शांति और मानवता के लिए मीडिया: सत्य, विश्वास और परिवर्तन”। इसमें मीडिया की विश्वसनीयता, सत्यपूर्ण सूचना और समाज में प्रसारण संस्थानों की भूमिका जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
महासभा के दौरान प्रसार भारती के वित्त सदस्य राजीव रॉय ने सार्वजनिक प्रसारक के डिजिटल मंच ‘वेव्स ओटीटी’ की जानकारी भी साझा की। 3 नवंबर तक इस मंच पर 1.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता और 1.9 करोड़ डाउनलोड दर्ज किए गए थे। यह सेवा 130 से अधिक देशों में उपलब्ध थी। इससे प्रसार भारती की पारंपरिक रेडियो और टेलीविजन सेवाओं के साथ डिजिटल माध्यमों तक पहुंच बढ़ाने की दिशा भी सामने आती है।
प्रसार भारती और एबीयू का संस्थागत संदर्भ
प्रसार भारती भारत का सार्वजनिक प्रसारणकर्ता है, जिसके अंतर्गत आकाशवाणी और दूरदर्शन आते हैं। एबीयू पुरस्कार रेडियो और टेलीविजन कार्यक्रमों की वार्षिक प्रतियोगिता का हिस्सा हैं। इसके अभियांत्रिकी पुरस्कार प्रसारण क्षेत्र में तकनीकी योगदान को सम्मानित करते हैं। सामग्री निर्माण और तकनीकी नवाचार—दोनों क्षेत्रों में मिला सम्मान सार्वजनिक प्रसारण व्यवस्था की विविध क्षमताओं को रेखांकित करता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशिया-प्रशांत प्रसारण संघ की स्थापना 1964 में हुई थी और इसका मुख्यालय कुआलालंपुर में है।
- एबीयू एक गैर-लाभकारी, गैर-सरकारी प्रसारण संगठनों का संघ है।
- प्रसार भारती की स्थापना प्रसार भारती (भारतीय प्रसारण निगम) अधिनियम, 1990 के तहत हुई; यह अधिनियम 1997 में लागू हुआ।
- एबीयू पुरस्कार रेडियो और टेलीविजन कार्यक्रमों की वार्षिक प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किए जाते हैं।
कोलंबो में मिले ये सम्मान प्रसार भारती के कार्यक्रमों और स्वदेशी प्रसारण तकनीक, दोनों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाते हैं।