सरवेश कुशारे ने भारत के हाई जंप इतिहास में नया अध्याय लिखा

सरवेश कुशारे ने भारत के हाई जंप इतिहास में नया अध्याय लिखा

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीट सरवेश कुशारे ने पुरुष हाई जंप में रजत पदक जीतकर देश के लिए एक अहम उपलब्धि दर्ज की। 27 जुलाई 2026 को स्कॉटस्टाउन स्टेडियम में उन्होंने 2.25 मीटर की ऊंचाई पार की और जमैका के रोमेन बेकफोर्ड के बाद दूसरे स्थान पर रहे। बेकफोर्ड ने भी 2.25 मीटर ही पार किया, लेकिन कम प्रयासों के आधार पर उन्हें स्वर्ण पदक मिला।

भारत के लिए पहली रजत उपलब्धि

यह कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष हाई जंप स्पर्धा में भारत का पहला रजत पदक है। इससे पहले इस इवेंट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में तेजस्विन शंकर का कांस्य पदक था। सरवेश की यह सफलता भारतीय एथलेटिक्स में ऊंची कूद के बढ़ते स्तर को भी दिखाती है। हाई जंप जैसे तकनीकी इवेंट में सिर्फ ऊंचाई पार करना ही नहीं, बल्कि प्रयासों की संख्या भी निर्णायक होती है। इसी वजह से समान ऊंचाई पर पहुंचने वाले खिलाड़ियों के बीच रैंकिंग तय करने के लिए काउंटबैक नियम लागू होता है।

सरवेश कुशारे की पृष्ठभूमि और हालिया फॉर्म

31 वर्षीय सरवेश कुशारे भारतीय सेना में नायब सूबेदार हैं। वे महाराष्ट्र के नासिक जिले के देवगांव गांव से आते हैं। उनके शुरुआती प्रशिक्षण की कहानी भी प्रेरक रही है, क्योंकि उन्होंने अभ्यास के दौरान लैंडिंग के लिए कृषि अपशिष्ट का उपयोग किया था। जुलाई 2026 में ही उन्होंने भुवनेश्वर में राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय वरिष्ठ एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 2.31 मीटर की छलांग लगाकर तेजस्विन शंकर का आठ साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था। इसके बाद मोनाको में 2.26 मीटर की छलांग के साथ तीसरा स्थान हासिल किया और डायमंड लीग मीटिंग में पोडियम पर पहुंचने वाले केवल चौथे भारतीय एथलीट बने।

खेल के नियम और इस उपलब्धि का महत्व

पुरुष हाई जंप ट्रैक-एंड-फील्ड की फील्ड स्पर्धा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वर्ल्ड एथलेटिक्स नियंत्रित करता है। इसमें खिलाड़ी एक निर्धारित ऊंचाई को बिना बार गिराए पार करने की कोशिश करते हैं। यदि दो या अधिक खिलाड़ी समान ऊंचाई पार करते हैं, तो कम प्रयासों और पिछली असफलताओं के आधार पर काउंटबैक से स्थान तय किया जाता है। सरवेश की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी जगह मजबूत की है। 28 जुलाई 2026 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके प्रदर्शन पर उन्हें बधाई दी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में पुरुष हाई जंप में भारत का पहला रजत पदक सरवेश कुशारे ने जीता।
  • हाई जंप में समान ऊंचाई पर काउंटबैक नियम से पदक और स्थान तय किए जाते हैं।
  • तेजस्विन शंकर ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में इस इवेंट में भारत का पहला पदक जीता था।
  • डायमंड लीग वर्ल्ड एथलेटिक्स के तहत होने वाली शीर्ष एकदिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं में शामिल है।

सरवेश कुशारे की यह सफलता भारतीय एथलेटिक्स में तकनीकी स्पर्धाओं के लिए एक बड़ा संकेत है। सेना, ग्रामीण पृष्ठभूमि और निरंतर सुधार के साथ उन्होंने दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय खिलाड़ी नई ऊंचाइयां छू सकते हैं।

Originally written on July 28, 2026 and last modified on July 28, 2026.

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