DISHA 2.0 के तहत गोवा में कानूनी जागरूकता पर बड़ा क्षेत्रीय वर्कशॉप
कानूनी सेवाओं को दूर-दराज़ तक पहुंचाने और लोगों में अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से विधि एवं न्याय मंत्रालय के अधीन न्याय विभाग 21 सितंबर 2026 को गोवा में DISHA 2.0 योजना के तहत एक क्षेत्रीय कार्यशाला आयोजित करेगा। यह कार्यक्रम इंडिया इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ लीगल एजुकेशन एंड रिसर्च (IIULER) के यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में होगा और इसमें तकनीक-आधारित कानूनी सहायता, कानूनी साक्षरता तथा प्रो बोनो सेवाओं पर फोकस रहेगा।
DISHA 2.0 क्या है और इसका उद्देश्य क्या है
DISHA का पूरा नाम Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice है। यह न्याय विभाग की ऐसी योजना है, जिसका लक्ष्य न्याय तक पहुंच को आसान, सुलभ और अधिक प्रभावी बनाना है। खासकर ग्रामीण, दूरस्थ और वंचित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक कानूनी जानकारी और सहायता पहुंचाना इस योजना की मुख्य प्राथमिकता है।
इस योजना के चार प्रमुख घटक हैं: Tele-Law, Nyaya Bandhu, Legal Literacy and Legal Awareness Programme (LLLAP) और VIDHI-Sanjeevani। इन सभी के जरिए नागरिकों को कानूनी सलाह, जागरूकता और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
Tele-Law और डिजिटल कानूनी सहायता की भूमिका
Tele-Law सेवा नागरिकों को पैनल वकीलों से जोड़ती है। यह सेवा कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से उपलब्ध कराई जाती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से pre-litigation advice यानी मुकदमा शुरू होने से पहले कानूनी सलाह और परामर्श के लिए किया जाता है।
ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में जहां वकील तक सीधी पहुंच मुश्किल होती है, वहां Tele-Law जैसी सेवाएं लोगों को समय पर सही कानूनी मार्गदर्शन देती हैं। यही कारण है कि सरकार डिजिटल माध्यमों को न्याय वितरण प्रणाली का अहम हिस्सा बना रही है।
गोवा कार्यशाला में किन मुद्दों पर रहेगा फोकस
गोवा में होने वाली इस कार्यशाला में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, कॉमन सर्विस सेंटर्स, ग्रामीण विकास मंत्रालय, विधि संस्थानों और अन्य न्याय-प्रणाली से जुड़े हितधारक शामिल होंगे। कार्यक्रम में गोवा के राज्यपाल पुसापति अशोक गजपति राजू मुख्य अतिथि होंगे, जबकि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहेंगे।
कार्यशाला में “Nyaya Prabodh: Awakening to Justice – Know Your Rights in 90 Seconds” अभियान के तहत चुने गए सर्वश्रेष्ठ रील्स भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके साथ ही Nyaya Prabodh के अंतर्गत एक स्लोगन प्रतियोगिता भी आयोजित होगी, ताकि कानूनी जागरूकता को सरल और जनसुलभ तरीके से बढ़ाया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- DISHA का पूरा नाम Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice है।
- Tele-Law सेवा कॉमन सर्विस सेंटर्स के जरिए नागरिकों को पैनल वकीलों से जोड़ती है।
- Nyaya Bandhu न्याय विभाग का प्रो बोनो कानूनी सेवा कार्यक्रम है।
- LLLAP का अर्थ Legal Literacy and Legal Awareness Programme है।
इससे पहले 16 सितंबर 2026 को न्याय विभाग ने हरियाणा के नूंह में Tele-Law पहल पर एक अधिकारी-स्तरीय जागरूकता कार्यशाला भी आयोजित की थी। लगातार ऐसे कार्यक्रम यह दिखाते हैं कि सरकार कानूनी सहायता को केवल अदालतों तक सीमित न रखकर आम नागरिकों की पहुंच तक ले जाने की दिशा में काम कर रही है।