शिवाजी गणेशन की तीन फिल्मों से समृद्ध हुआ राष्ट्रीय फिल्म संग्रह
राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम–भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार (एनएफडीसी–एनएफएआई) ने 8 अक्टूबर 2026 को शिवाजी गणेशन अभिनीत तीन तमिल फिल्मों के 35 मिमी प्रिंट अपने राष्ट्रीय संग्रह में शामिल किए। भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान में फिल्म अनुसंधान अधिकारी अपर्णा सुब्रमण्यम ने इन प्रिंटों को प्राप्त कर अभिलेखागार को दान किया। तीनों फिल्मों का निर्देशन ए.पी. नागराजन ने किया था।
तमिल सिनेमा की तीन महत्वपूर्ण फिल्में
संग्रह में शामिल फिल्मों के नाम ‘तिरुविलयाडल’ (1965), ‘थिरुवारुत्चेल्वर’ (1967) और ‘थिल्लाना मोहनाम्बल’ (1968) हैं। इन सभी में शिवाजी गणेशन ने अभिनय किया। फिल्म प्रिंट चेन्नई में 13 सितंबर 2026 को एकत्र किए गए थे और बाद में पुणे स्थित एनएफडीसी–एनएफएआई को सौंपे गए।
इनमें ‘थिरुवारुत्चेल्वर’ का कोई भी प्रारूप पहले अभिलेखागार के पास उपलब्ध नहीं था। ‘थिल्लाना मोहनाम्बल’ और ‘तिरुविलयाडल’ के प्रिंट संग्रह में पहले से मौजूद थे; नए प्रिंटों के आने से दोनों फिल्मों के अतिरिक्त प्रतिरूप भी उपलब्ध हो गए हैं।
फिल्म संरक्षण में अतिरिक्त प्रिंटों की भूमिका
35 मिमी फिल्म प्रिंट से आशय ऐसी भौतिक प्रति से है जिसमें फिल्म की छवियां और ध्वनि फिल्म-पट्टी पर दर्ज होती हैं। यहां 35 मिमी का अर्थ पट्टी की चौड़ाई से है। ऐसे प्रिंटों का उपयोग संदर्भ, तकनीकी जांच, डिजिटलीकरण और अलग-अलग प्रतियों की तुलना के लिए किया जा सकता है। एक प्रति पर काम करते समय दूसरी प्रति को सुरक्षित रखना भी संभव होता है।
नए प्रिंटों में समय के साथ आया मैजेंटा रंग का क्षय और प्रोजेक्टर के उपयोग से बनी खड़ी खरोंचें दिखाई देती हैं। ये निशान फिल्म की उम्र और उसके प्रदर्शन के इतिहास के संकेत हैं। डिजिटलीकरण से फिल्म की छवि और ध्वनि को डिजिटल रूप में सहेजा जा सकता है, लेकिन मूल भौतिक प्रिंट को सुरक्षित रखना भी अभिलेखीय संरक्षण का अहम हिस्सा है।
राष्ट्रीय संग्रह के लिए इस पहल का महत्व
एनएफडीसी–एनएफएआई में ‘थिरुवारुत्चेल्वर’ का पहली बार किसी भी रूप में शामिल होना संग्रह की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। वहीं, अन्य दो फिल्मों के अतिरिक्त प्रिंट शोधकर्ताओं और संरक्षण विशेषज्ञों को तुलना तथा तकनीकी आकलन के लिए और सामग्री देते हैं। तमिल सिनेमा की विरासत से जुड़ी इन प्रतियों को सुरक्षित रखना भारतीय फिल्मों के इतिहास और भविष्य के अध्ययन, दोनों के लिए उपयोगी है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार की स्थापना 1964 में पुणे में हुई थी।
- तीनों फिल्मों के निर्देशक ए.पी. नागराजन और प्रमुख अभिनेता शिवाजी गणेशन हैं।
- फिल्में क्रमशः 1965, 1967 और 1968 में प्रदर्शित हुई थीं।
- 35 मिमी फिल्म में 35 मिमी पट्टी-चौड़ाई वाले फिल्म प्रिंट शामिल होते हैं।
नए प्रिंटों का संग्रह में जुड़ना एक ओर दुर्लभ फिल्म सामग्री को सुरक्षित करता है, वहीं दूसरी ओर तमिल सिनेमा के अध्ययन और संरक्षण के लिए उपलब्ध आधार को मजबूत बनाता है।