लाहौरी गेट हवेली से शाहजहानाबाद की विरासत को नया मंच

लाहौरी गेट हवेली से शाहजहानाबाद की विरासत को नया मंच

दिल्ली के पुराने शहर की एक ऐतिहासिक हवेली अब शाहजहानाबाद की कहानी को नए रूप में सामने लाने जा रही है। नगर निगम दिल्ली ने लाहौरी गेट हवेली को शाहजहानाबाद म्यूजियम और इंटरप्रिटेशन सेंटर में बदलने की मंजूरी दे दी है। यह परियोजना खारी बावली स्थित वासुदेव कैप्टन चौक पर एक सार्वजनिक विरासत स्थल के रूप में विकसित की जाएगी, जिससे पुरानी दिल्ली की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित और प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

पुरानी हवेली से विरासत केंद्र तक

लाहौरी गेट हवेली पुरानी दिल्ली की 97 साल पुरानी विरासत संरचना है। इसका निर्माण 1929 में हुआ था और 2003 तक यह एक सिंगल-रूम डिस्पेंसरी के रूप में इस्तेमाल होती रही। बाद में इसका जीर्णोद्धार पूरा किया गया और अब इसे संग्रहालय परियोजना के लिए चुना गया है। इस भवन का संरक्षण भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास यानी INTACH की योजना के आधार पर किया गया।

शाहजहानाबाद की ऐतिहासिक यात्रा होगी प्रदर्शित

प्रस्तावित संग्रहालय में शाहजहानाबाद के विकास को क्रमबद्ध तरीके से दिखाया जाएगा। इसके लिए कलाकृतियों, शिल्प परंपराओं, डिजिटल डेटाबेस, कथात्मक पैनलों और ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। योजना में शहर के ऐतिहासिक ढांचे, उसकी शहरी बनावट और समय के साथ हुए बदलावों की डिजिटल पुनर्रचना भी शामिल है। इससे आगंतुकों को मुगलकालीन राजधानी से लेकर आधुनिक पुरानी दिल्ली तक की यात्रा एक ही स्थान पर समझने का मौका मिलेगा।

अनुमोदन, वित्तपोषण और आगे की प्रक्रिया

इस परियोजना के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने 2017 में म्यूजियम ग्रांट स्कीम के तहत 4.22 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसके बाद भारतीय पुरातत्व और सांस्कृतिक संस्थानों से जुड़े विशेषज्ञों की मदद से संरक्षण योजना तैयार की गई। दिल्ली नगर निगम ने अगस्त 2026 में प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया और अब भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत केंद्र यानी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने हैं। परियोजना पर काम सितंबर 2026 से शुरू होने की उम्मीद है और इसे 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। संग्रहालय के 2027 की शुरुआत में आगंतुकों के लिए खुलने की संभावना है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • शाहजहानाबाद, मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा 17वीं शताब्दी में बसाया गया ऐतिहासिक शहर था, जिसे आज पुरानी दिल्ली के नाम से जाना जाता है।
  • म्यूजियम ग्रांट स्कीम भारत सरकार की वह केंद्रीय योजना है, जिसके तहत संग्रहालयों से जुड़ी परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है।
  • इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक प्रमुख स्वायत्त संस्थान है।
  • INTACH भारत में ऐतिहासिक इमारतों के दस्तावेजीकरण, संरक्षण और पुनर्स्थापन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण विरासत संगठन है।

यह परियोजना पुरानी दिल्ली की स्मृति, स्थापत्य और सांस्कृतिक परतों को एक सार्वजनिक मंच पर लाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। यदि योजना समय पर पूरी होती है, तो यह संग्रहालय राजधानी की विरासत-पर्यटन पहचान को भी नई मजबूती देगा।

Originally written on October 5, 2026 and last modified on October 5, 2026.

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