विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री पर उपभोक्ता प्राधिकरण की कार्रवाई

विस्फोटक पदार्थों की ऑनलाइन बिक्री पर उपभोक्ता प्राधिकरण की कार्रवाई

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 19 अक्टूबर 2026 को खतरनाक विस्फोटक पदार्थों की अनधिकृत ऑनलाइन सूची और बिक्री के मामले में सात मंचों के खिलाफ नियामकीय कार्रवाई शुरू की। इनमें अमोनियम नाइट्रेट, बारूद, पिक्रिक अम्ल और पीईटीएन शामिल हैं। कार्रवाई के तहत इन मंचों से कुल 3,940 विक्रेताओं और सूची प्रविष्टियों को हटाया जा चुका था।

ऑनलाइन बिक्री पर कार्रवाई की वजह

सीसीपीए ने इन सूची प्रविष्टियों को भ्रामक विज्ञापन और अनुचित व्यापार व्यवहार के दायरे में माना। प्राधिकरण चाहता है कि नियंत्रित पदार्थों के लेन-देन में ऑनलाइन मंच विक्रेता के लाइसेंस और खरीदार की पहचान की जांच करें। ऐसे पदार्थों का अनधिकृत ढंग से उपलब्ध होना सुरक्षा और उपभोक्ता हितों से जुड़ी गंभीर चिंता पैदा करता है।

जांच के दायरे में इंडिया मार्ट, ट्रेडइंडिया, डायल4ट्रेड, जस्टडायल, सिग्मा-एल्ड्रिच इंडिया, एक्सपोर्टर्सइंडिया और आईबायकैमिकल्स शामिल हैं। सीसीपीए उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन, अनुचित व्यापार व्यवहार और भ्रामक विज्ञापनों की जांच कर सकता है। इसे अनुचित व्यवहार बंद कराने और भ्रामक विज्ञापनों के लिए दंड लगाने का अधिकार भी है।

विस्फोटक पदार्थों के लिए कानूनी नियंत्रण

भारत में विस्फोटकों के नियमन का प्रमुख कानूनी आधार विस्फोटक अधिनियम, 1884 है। विस्फोटक नियम, 2008 इनके निर्माण, कब्जे, उपयोग, बिक्री, परिवहन, आयात और निर्यात से जुड़ी शर्तें निर्धारित करते हैं। अमोनियम नाइट्रेट के लिए अमोनियम नाइट्रेट नियम, 2012 भी लागू हैं।

अमोनियम नाइट्रेट का उपयोग उर्वरक और विस्फोटक बनाने सहित औद्योगिक कार्यों में होता है, लेकिन इसकी बिक्री और उपयोग नियामकीय नियंत्रणों के अधीन हैं। पीईटीएन उच्च विस्फोटक पदार्थ है। बारूद और पिक्रिक अम्ल जैसे पदार्थों का कब्जा, बिक्री और उपयोग भी लागू लाइसेंस तथा सुरक्षा नियमों के अनुसार ही किया जा सकता है।

दंड और जांच की मौजूदा स्थिति

डायल4ट्रेड पर कुल 10 लाख रुपये का अंतिम दंड लगाया गया और कंपनी की अपील खारिज कर दी गई। एक्सपोर्टर्सइंडिया पर दो अलग-अलग मामलों में 10-10 लाख रुपये का दंड लगाया गया है; इसकी अपीलें लंबित हैं। इंडिया मार्ट और जस्टडायल से जुड़े मामलों की जांच जारी है। इंडिया मार्ट ने 3,092 विक्रेताओं का विवरण दिया, जिनमें 2,700 अमोनियम नाइट्रेट से जुड़े थे। संदिग्ध ऑनलाइन बिक्री की सूचना राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर दी जा सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सीसीपीए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 10 के तहत स्थापित वैधानिक प्राधिकरण है।
  • विस्फोटक अधिनियम, 1884 भारत में विस्फोटकों के नियमन का प्रमुख कानून है।
  • अमोनियम नाइट्रेट नियम, 2012 विशेष रूप से अमोनियम नाइट्रेट के नियमन से जुड़े हैं।
  • राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन का संचालन उपभोक्ता मामलों का विभाग करता है; इसका संपर्क नंबर 1915 है।

यह कार्रवाई बताती है कि ऑनलाइन व्यापार मंचों पर नियंत्रित खतरनाक पदार्थों की सूची और बिक्री भी उपभोक्ता संरक्षण तथा विस्फोटक सुरक्षा कानूनों के दायरे में आती है।

Originally written on October 20, 2026 and last modified on October 20, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *