वियना सम्मेलन से ईरानी परमाणु प्रमुख की रोक, IAEA बैठक में बढ़ी कूटनीतिक तनातनी
वियना में अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की वार्षिक आम बैठक से ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी को प्रवेश नहीं मिल सका। ऑस्ट्रिया ने उन्हें देश में आने की अनुमति नहीं दी, क्योंकि संयुक्त राष्ट्र की प्रतिबंध समिति से मांगी गई छूट पर सहमति नहीं बन पाई। यह घटना ऐसे समय हुई है जब ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर वैश्विक स्तर पर पहले से ही संवेदनशील माहौल बना हुआ है।
वियना में IAEA बैठक और उसका महत्व
IAEA की जनरल कॉन्फ्रेंस एजेंसी के 180 से अधिक सदस्य देशों की वार्षिक बैठक होती है। यह बैठक वियना स्थित IAEA मुख्यालय में आयोजित की जाती है और इसमें परमाणु सुरक्षा, परमाणु संरक्षा, निगरानी व्यवस्था तथा तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है। इसी मंच पर सदस्य देश अपने-अपने रुख रखते हैं और परमाणु नीति से जुड़े अहम सवालों पर बहस होती है।
प्रतिबंध, यात्रा छूट और मेजबान देश की भूमिका
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद कुछ व्यक्तियों पर प्रतिबंध और यात्रा-निषेध लागू कर सकती है। ऐसे मामलों में आधिकारिक यात्रा के लिए विशेष छूट मांगी जाती है, लेकिन अगर प्रतिबंध समिति में सहमति न बने तो मेजबान देश प्रवेश से इनकार कर सकता है। इस मामले में भी ऑस्ट्रिया ने वही रुख अपनाया। ईरान के वियना स्थित राजदूत रजा नजाफी के अनुसार इस्लामी का वीजा पहले मंजूर हो गया था, लेकिन अंतिम अनुमति नहीं मिल सकी।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर फिर बढ़ी निगाहें
ईरान का परमाणु ऊर्जा संगठन देश की परमाणु गतिविधियों का प्रमुख सरकारी निकाय है। ईरान IAEA का सदस्य देश है और उसके वरिष्ठ अधिकारी पहले भी जनरल कॉन्फ्रेंस में भाग लेते रहे हैं। मोहम्मद इस्लामी ने 2025 में भी इस बैठक में हिस्सा लिया था। इस बार उनकी अनुपस्थिति को ईरान और पश्चिमी देशों के बीच जारी तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। बैठक में अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट के भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चिंता जताने की उम्मीद थी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- IAEA की स्थापना 1957 में हुई थी और इसे संयुक्त राष्ट्र का परमाणु निगरानी निकाय माना जाता है।
- IAEA का मुख्यालय ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में है, जहां यह 1957 से स्थित है।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध सूची में शामिल व्यक्तियों पर यात्रा-निषेध लगा सकती है।
- IAEA जनरल कॉन्फ्रेंस में परमाणु सुरक्षा, संरक्षा और तकनीकी सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा होती है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि परमाणु कूटनीति केवल तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति और प्रतिबंध व्यवस्था से भी गहराई से जुड़ा हुआ विषय है।