वाहनों की ईंधन दक्षता पर नए CAFE-3 नियम लागू
भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय ने 30 सितंबर 2026 को कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी-3 यानी CAFE-3 मानकों को अधिसूचित कर दिया। ये नियम अप्रैल 2027 से मार्च 2032 तक लागू रहेंगे और वाहन निर्माताओं के लिए ईंधन खपत तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी के लक्ष्य तय करेंगे।
CAFE-3 क्या है और इसका महत्व क्यों है
कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल इकोनॉमी एक ऐसा नियामकीय ढांचा है, जिसमें किसी कंपनी द्वारा बेचे गए पूरे वाहन बेड़े की औसत ईंधन दक्षता को मापा जाता है। भारत में इसका उपयोग खास तौर पर यात्री वाहनों के स्तर पर ईंधन खपत और उत्सर्जन को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। इसका उद्देश्य केवल एक मॉडल नहीं, बल्कि पूरे बेड़े की औसत दक्षता में सुधार लाना है।
CAFE-3 में छोटे कारों के लिए अलग से कोई रियायत नहीं दी गई है। संशोधित पद्धति में संदर्भ वाहन का वजन 1,229 किलोग्राम तय किया गया है और अनुपालन गणना के लिए वजन-आधारित समायोजन को पहले की तुलना में अधिक सपाट बनाया गया है।
ईंधन खपत लक्ष्य और अनुपालन का तरीका
नए मानकों का लक्ष्य ईंधन खपत में 16.7% सुधार करना है। 2027-28 में मानक 3.996 लीटर प्रति 100 किलोमीटर से शुरू होकर 2031-32 में 3.3273 लीटर प्रति 100 किलोमीटर तक पहुंचेंगे।
वजन-आधारित नई व्यवस्था के तहत हल्के वाहनों के लिए लक्ष्य अपेक्षाकृत नरम होंगे, जबकि भारी वाहनों के लिए मानक अधिक सख्त रहेंगे। इससे अनुपालन सीधे निर्माता के औसत वाहन भार से जुड़ जाता है। यह व्यवस्था वाहन उद्योग को अधिक दक्ष और कम उत्सर्जन वाले मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित करती है।
स्वच्छ वाहनों को मिलेगा सुपर-क्रेडिट
CAFE-3 नियमों में स्वच्छ तकनीक वाले वाहनों के लिए सुपर-क्रेडिट का प्रावधान रखा गया है। बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुपालन के लिए तीन वाहनों के बराबर गिना जाएगा। इसके अलावा प्लग-इन हाइब्रिड, फ्लेक्स-फ्यूल स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड, स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए भी अलग-अलग गुणक लागू होंगे।
सुपर-क्रेडिट प्रणाली का उपयोग वाहन-उत्सर्जन नियमन में कम प्रदूषण वाली तकनीकों को अतिरिक्त अनुपालन लाभ देने के लिए किया जाता है। यह मॉडल उन मानकों में खास तौर पर उपयोगी होता है, जिनमें मूल्यांकन व्यक्तिगत वाहन के बजाय पूरे निर्माता के बेड़े के आधार पर किया जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- CAFE का पूरा नाम Corporate Average Fuel Economy है।
- भारत में CAFE-3 मानक अप्रैल 2027 से मार्च 2032 तक लागू रहेंगे।
- संशोधित पद्धति में संदर्भ वाहन का वजन 1,229 किलोग्राम तय किया गया है।
- CAFE-3 के तहत बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों को अनुपालन में तीन वाहनों के बराबर क्रेडिट मिलेगा।
इस तरह CAFE-3 मानक भारत में वाहन उद्योग को अधिक ईंधन-कुशल और कम-उत्सर्जन तकनीकों की ओर ले जाने वाला एक महत्वपूर्ण कदम हैं। आने वाले वर्षों में इन नियमों का असर वाहन डिजाइन, उत्पादन रणनीति और बाजार में स्वच्छ वाहनों की हिस्सेदारी पर साफ दिखाई दे सकता है।