राजस्थान में 46.4 मेगावाट हाइब्रिड ऊर्जा परियोजना से हरित बिजली को बढ़ावा
क्लीनमैक्स एन्विरो एनर्जी सॉल्यूशंस और नुवोको विस्तास कॉर्पोरेशन ने राजस्थान के भिकमखोरे में 46.4 मेगावाट की विंड-सोलर हाइब्रिड परियोजना की घोषणा की है। यह परियोजना पवन और सौर ऊर्जा को एक ही उत्पादन ढांचे में जोड़ती है और औद्योगिक बिजली जरूरतों के लिए स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
हाइब्रिड मॉडल से बिजली आपूर्ति में लचीलापन
इस परियोजना में 20 मेगावाट पवन क्षमता, 26.4 मेगावाटपीक सौर क्षमता और 2 मेगावाट-घंटा की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली शामिल है। हाइब्रिड मॉडल का लाभ यह होता है कि दिन में सौर ऊर्जा और अलग समय पर पवन ऊर्जा का उपयोग करके उत्पादन को अधिक संतुलित बनाया जा सकता है। बैटरी स्टोरेज अतिरिक्त बिजली को संचित कर बाद में उपयोग करने में मदद करती है, जिससे आपूर्ति में निरंतरता बनी रहती है।
ओपन एक्सेस और ग्रुप कैप्टिव ढांचे की भूमिका
यह परियोजना राजस्थान स्टेट ट्रांसमिशन यूटिलिटी की ओपन एक्सेस नेटवर्क व्यवस्था के जरिए नुवोको को बिजली उपलब्ध कराएगी। ओपन एक्सेस का अर्थ है कि पात्र उपभोक्ता ट्रांसमिशन नेटवर्क का उपयोग करके सीधे किसी जनरेटर से बिजली खरीद सकते हैं। इस परियोजना को ग्रुप कैप्टिव संरचना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसमें उपभोक्ता परियोजना में इक्विटी हिस्सेदारी रखते हैं। इसी ढांचे के तहत नुवोको, क्लीन मैक्स इलगोहप प्राइवेट लिमिटेड में 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदेगी, जो इस परियोजना के लिए विशेष प्रयोजन वाहन है।
उत्सर्जन घटाने और हरित बदलाव की दिशा
परियोजना के चालू होने के बाद हर साल लगभग 10 करोड़ यूनिट नवीकरणीय बिजली पैदा होने का अनुमान है। इससे कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है। अनुमान के अनुसार यह परियोजना स्कोप 2 के तहत करीब 62,023 टन और स्कोप 1 के तहत लगभग 63,463 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को टालने में मदद करेगी। नुवोको ने इस पहल को अपने DIRE एजेंडा से जोड़ा है, जिसका विस्तार डिजिटलाइजेशन, इनोवेशन और रिन्यूएबल्स है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विंड-सोलर हाइब्रिड परियोजना में पवन और सौर ऊर्जा को एक साथ एकीकृत किया जाता है।
- बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली, यानी BESS, बिजली को बाद के उपयोग के लिए संचित करती है।
- ओपन एक्सेस व्यवस्था पात्र उपभोक्ताओं को ट्रांसमिशन नेटवर्क के जरिए बिजली खरीदने की सुविधा देती है।
- राजस्थान में उच्च सौर विकिरण और उपयुक्त पवन गलियारों के कारण नवीकरणीय ऊर्जा की बड़ी संभावनाएं मानी जाती हैं।
यह परियोजना औद्योगिक क्षेत्र में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और उत्सर्जन घटाने की दिशा में एक व्यावहारिक मॉडल पेश करती है। राजस्थान जैसे राज्य में ऐसे हाइब्रिड प्रोजेक्ट भविष्य की ऊर्जा जरूरतों और जलवायु लक्ष्यों, दोनों के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं।