लद्दाख की ऊँचाई से देश के फूल बाजारों तक लिलीम की नई उड़ान

लद्दाख की ऊँचाई से देश के फूल बाजारों तक लिलीम की नई उड़ान

लद्दाख ने कट-फ्लावर खेती के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है। 29 सितंबर 2026 को लेह के केबीआर एयरपोर्ट से 15,000 ए-ग्रेड लिलीम डंठलों की पहली खेप देश के प्रमुख फूल बाजारों के लिए रवाना की गई। चोगलमसर, लेह में उगाई गई इस खेप में लाल, गुलाबी, सफेद, पीले और नारंगी रंग की किस्में शामिल थीं।

ऊँचाई पर फूलों की खेती का नया मॉडल

लिलीम एक बल्बीय फूल है, जिसे भारत और विदेशों में प्रीमियम कट फ्लावर के रूप में बेचा जाता है। लद्दाख की यह खेप 4-5 कलियों वाले ए-ग्रेड डंठलों की थी, जिनकी शेल्फ लाइफ 5-7 दिन बताई गई है। भारत में ऐसे प्रीमियम कट फ्लावर आम तौर पर 150 से 200 रुपये प्रति डंठल तक बिकते हैं।

कट फ्लावर की गुणवत्ता तय करने में डंठल की लंबाई, कलियों की संख्या, फूल का आकार और कटाई के बाद टिकाऊपन जैसे मानक अहम होते हैं। इसी वजह से लद्दाख की यह पहल केवल उत्पादन नहीं, बल्कि गुणवत्ता-आधारित कृषि की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

चोगलमसर का फूल खेत और उसकी खासियत

चोगलमसर का फूल खेत 10,600 फीट यानी 3,265 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और इसे दुनिया का सबसे ऊँचाई वाला फूल खेत बताया गया है। इसका उद्घाटन 17 सितंबर 2026 को हुआ था। इस खेत में 25 लाख से अधिक लिलीम पौधे हैं।

यहाँ खेती बिना कीटनाशक और उर्वरक के की जा रही है। सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। लद्दाख की ठंडी मरुस्थलीय जलवायु, तेज धूप और कम आर्द्रता फूलों की खेती के लिए अनुकूल मानी जाती है। यही कारण है कि यह क्षेत्र उच्च-मूल्य वाली बागवानी के लिए एक अलग संभावना के रूप में उभर रहा है।

रोजगार, बाजार और विस्तार की योजना

यह परियोजना 22 जून 2026 को आधारशिला रखने के बाद 60 दिनों में पूरी की गई। इससे 15 स्थानीय महिलाओं को कटाई, छंटाई और पैकेजिंग के काम में रोजगार मिला है। प्रत्येक महिला को 900 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जा रही है।

पहली खेप दिल्ली, मुंबई और चंडीगढ़ जैसे बड़े बाजारों के लिए भेजी गई है। प्रशासन की योजना कर्गिल, द्रास, शाम, चांगथांग और जांस्कर में भी उच्च-मूल्य वाली फूलों की खेती बढ़ाने की है। उपायुक्तों को कम से कम 20-20 एकड़ भूमि चिन्हित करने को कहा गया है, जबकि अगले वर्ष तक 200 एकड़ का लक्ष्य रखा गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • लिलीम Lilium वंश का फूल है और कट फ्लावर उद्योग में इसका बड़ा महत्व है।
  • फ्लोरीकल्चर बागवानी की वह शाखा है, जिसमें फूलों और सजावटी पौधों की खेती की जाती है।
  • लेह केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में स्थित है, जहाँ ठंडी मरुस्थलीय जलवायु पाई जाती है।
  • पोस्ट-हार्वेस्ट शेल्फ लाइफ कट फ्लावर व्यापार में गुणवत्ता का एक प्रमुख मानक है।

लद्दाख की यह पहल दिखाती है कि ऊँचाई और कठिन जलवायु को भी अवसर में बदला जा सकता है। यदि विस्तार योजना सफल रहती है, तो यह क्षेत्र फूलों की खेती के जरिए आजीविका और कृषि विविधीकरण का मजबूत केंद्र बन सकता है।

Originally written on September 29, 2026 and last modified on September 29, 2026.

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