वस्त्र पीएलआई योजना में आवेदन का नया अवसर, सीमा घटकर ₹100 करोड़

वस्त्र पीएलआई योजना में आवेदन का नया अवसर, सीमा घटकर ₹100 करोड़

कपड़ा मंत्रालय वस्त्र क्षेत्र की उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के चौथे चरण के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक फिर खोलेगा। इस चरण के दूसरे भाग में न्यूनतम कारोबार की शर्त ₹200 करोड़ से घटाकर ₹100 करोड़ कर दी गई है। इससे मध्यम आकार की विनिर्माण इकाइयों के लिए योजना में आवेदन का दायरा बढ़ेगा।

दूसरे भाग में कारोबार की सीमा कम

चौथा चरण मानव-निर्मित रेशे (एमएमएफ) से बने परिधान, एमएमएफ कपड़े और चुने हुए तकनीकी वस्त्र उत्पाद बनाने वाली पात्र कंपनियों के लिए है। दूसरे भाग के आवेदकों के लिए अब न्यूनतम कारोबार ₹100 करोड़ होना चाहिए। तकनीकी वस्त्र ऐसे उत्पाद हैं जिन्हें सामान्य कपड़ों या घरेलू सजावट के बजाय खास उपयोग और कार्यक्षमता के लिए तैयार किया जाता है।

आवेदन मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल pli.texmin.gov.in पर तय अवधि में किए जा सकेंगे। योजना का उद्देश्य घरेलू उत्पादन और निवेश को बढ़ावा देना, रोजगार के अवसर पैदा करना तथा वैश्विक वस्त्र मूल्य शृंखला में भारत की भूमिका मजबूत करना है।

चौथे चरण में शामिल होने और अवधि के नियम

चौथे चरण के तहत स्वीकृत कंपनियों के लिए योजना की अवधि वित्त वर्ष 2033-34 तक बढ़ाई गई है। पहले चरणों यानी दौर 1, 2 या 3 में शामिल कंपनियां भी चौथे चरण में जा सकती हैं, बशर्ते उन्होंने कोई प्रोत्साहन दावा न किया हो और उन्हें प्रोत्साहन मिला न हो। स्थानांतरण से पहले उन्हें अपने पुराने आवेदन वापस लेने होंगे।

कारोबार सीमा में बदलाव से उन कंपनियों को भी पात्रता का अवसर मिल सकता है जो पहले ₹200 करोड़ की शर्त पूरी नहीं कर पाती थीं। हालांकि, आवेदन के लिए निर्धारित उत्पादों और योजना की अन्य पात्रता शर्तों का पालन आवश्यक होगा।

वस्त्र निर्यात में हालिया रुझान

वित्त वर्ष 2025-26 में हस्तशिल्प सहित भारत का वस्त्र और परिधान निर्यात ₹3.25 लाख करोड़ रहा, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹3.20 लाख करोड़ था। इस अवधि में कुल निर्यात में 1.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मानव-निर्मित रेशा आधारित वस्त्रों का निर्यात 3.3 प्रतिशत बढ़कर ₹46,254 करोड़ और तैयार परिधानों का निर्यात 2.9 प्रतिशत बढ़कर ₹1.39 लाख करोड़ हुआ। भारत के आधिकारिक व्यापार आँकड़े वाणिज्यिक आसूचना एवं सांख्यिकी महानिदेशालय संकलित करता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • कपड़ा मंत्रालय केंद्र सरकार की वस्त्र क्षेत्र से जुड़ी नीतियों और कार्यक्रमों का संचालन करता है।
  • एमएमएफ का अर्थ मानव-निर्मित रेशा है।
  • चौथे चरण के आवेदन 1 नवंबर से 31 दिसंबर 2026 तक लिए जाने हैं।
  • चौथे चरण में स्वीकृत कंपनियों के लिए योजना वित्त वर्ष 2033-34 तक लागू रहेगी।

कारोबार की कम की गई सीमा और आवेदन की दो माह की अवधि चौथे चरण में अधिक विनिर्माताओं को अवसर देती है। इच्छुक कंपनियों के लिए पात्रता शर्तें और आवेदन समय-सीमा ध्यान में रखना आवश्यक होगा।

Originally written on October 29, 2026 and last modified on October 29, 2026.

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